गौतमबुद्धनगर: अपंजीकृत क्लीनिकों से वसूली का खेल उजागर, CMO कार्यालय कटघरे में !!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
ग्रेटर नोएडा।
दो टूक// ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। अपंजीकृत क्लीनिकों और चिकित्सकों से अवैध वसूली किए जाने का मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पहले क्लीनिकों को नोटिस देकर भय का माहौल बनाया जाता है, कभी-कभी सील की कार्रवाई भी की जाती है और बाद में रिश्वत लेकर पूरा मामला दबा दिया जाता है।
इस कथित वसूली से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नोडल अधिकारी डॉ. सचिंद्रा के नाम पर पैसे लेने की बात सामने आई है। वायरल वीडियो में रविंद्र कुमार शुक्ला को कथित रूप से पैसे देते हुए देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और CMO कार्यालय की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित पवन चौधरी का आरोप है कि उससे कुल 12 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसमें से 5 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए, जबकि शेष 7 हजार रुपये होली से पहले देने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नरेंद्र कुमार को सौंपी, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बिना कफन के शव सौंपे जाने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में CMO कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी और कथित रूप से CMO के ड्राइवर मिलकर अवैध वसूली का एक नेटवर्क चला रहे हैं। आरोप है कि अपंजीकृत क्लीनिकों को पहले नोटिस देकर डराया जाता है और फिर आर्थिक लेन-देन के जरिए कार्रवाई रोक दी जाती है।
लगातार वायरल हो रहे वीडियो, पीड़ितों की शिकायतें और आरोपों के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई न होना, आम जनता में आक्रोश और अविश्वास को बढ़ा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या स्वास्थ्य विभाग में फैले कथित भ्रष्टाचार पर समय रहते सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं।।
वीडियो :