गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

गोण्डा- मत्स्य विभाग पर गिरी गाज, भ्रष्टाचार की शिकायतों पर अधिकारी लखनऊ मुख्यालय से अटैच, मत्स्य योजनाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

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गोण्डा- जनपद में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित मत्स्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, शिथिलता एवं भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं। निदेशालय स्तर पर कराई गई प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने के बाद कार्रवाई पूर्ण होने तक जनपद गोण्डा से जुड़े अधिकारियों/ कर्मचारियों को मुख्यालय से संबद्ध (अटैच) करने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, गोण्डा में तैनात मछुआ प्रशांत कुमार को लखनऊ से संबद्ध किया गया है। यह कदम गोण्डा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना तथा मत्स्य पालक कल्याण कोष जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है। मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कार्य कर रही है। आम जनता को यदि किसी भी स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा परेशानी या भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 17 फरवरी 2026 को भी पूर्व में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कानपुर मंडल/जनपद में इसी तरह की कड़ी कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को मुख्यालय से अटैच किया गया था तथा एक वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक को निलंबित किया गया था। गोण्डा में हुई ताज़ा कार्रवाई से यह संदेश गया है कि योजनाओं में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कदम तय हैं।