गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ग्राम अध्यक्ष पार्थ गुर्जर के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर!!

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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ग्राम अध्यक्ष पार्थ गुर्जर के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर!!

!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। सलारपुर निवासी पार्थ गुर्जर पुत्र स्वर्गीय लख्मी चंद भाटी का हृदयाघात के चलते अचानक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

बताया जा रहा है कि लगभग एक वर्ष पूर्व ही पार्थ गुर्जर के सिर से पिता का साया उठ गया था और अब उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पार्थ गुर्जर अपने पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें दो पुत्र एवं एक पुत्री शामिल हैं। परिवार के प्रति जिम्मेदार, समाज के प्रति समर्पित और सभी के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले पार्थ गुर्जर का यूँ अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरी क्षति है।

वे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) में ग्राम अध्यक्ष के पद पर सक्रिय रूप से कार्यरत थे और किसानों के हितों, सामाजिक कार्यों एवं जनसमस्याओं को लेकर हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते थे। उनका सरल स्वभाव, सहयोगी प्रवृत्ति और समाज सेवा का जज़्बा उन्हें क्षेत्र में बेहद सम्मानित बनाता था।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पार्थ गुर्जर का निधन संगठन और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

वहीं अजय नेताजी और योगेश भाटी ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पार्थ गुर्जर का यूँ अचानक चले जाना व्यक्तिगत रूप से उनके लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि पार्थ गुर्जर हर समय उनके साथ रहते थे — चाहे सामाजिक कार्य हों या संगठनात्मक जिम्मेदारियां — उनका साथ और समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।

साथ ही रोहित भाटी, दीपक भाटी सहित उनके साथ रहने वाले सहयोगियों ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि पार्थ गुर्जर एक मिलनसार, सहयोगी और हर समय साथ निभाने वाले साथी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

सामाजिक एवं किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

इस दुख की घड़ी में दो टूक मीडिया परिवार भी शोकाकुल परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।।