गोंडा- थाना को0 कर्नलगंज पुलिस ने मु0अ0सं0-67/26 धारा 103(1) बीएनएस से संबंधित आरोपी हत्याभियुक्त अमरनाथ दूबे पुत्र देवीदयाल दूबे निवासी नरायनपुर मांझा (दुल्हिनपुरवा) थाना को0 कर्नलगंज को ग्राम दुल्हिनपुरवा, मौजा नरायनपुर माझा, गांव के बाहर पक्की सड़क के पास से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही से भुलावन यादव के खेत की मेड़ के पास से छिपाए गए कुल ₹31,500/- (सभी 500-500 रुपये के नोट) भी बरामद किए गए।
एसपी विनीत जायसवाल ने मीडिया को बताया कि 03.02.2026 की रात्रि में शिवशंकर दुबे पुत्र देवीदयाल दुबे उम्र करीब 30 वर्ष निवासी दुल्हिनपुरवा, मौजा नरायनपुर माझा थाना को0 कर्नलगंज को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी। सूचना पर तत्काल उच्चाधिकारियो द्वारा स्थानीय पुलिस बल के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। फील्ड यूनिट एवं डॉग स्क्वाड टीम को मौके पर बुलाकर तकनीकी साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करायी गयी। मृतक के पिता देवीदयाल की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 कर्नलगंज में 5 नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। वादी एवं मजरूब द्वारा दिये गये बयानों में पर्याप्त भिन्नता पायी जाने के साथ-साथ उपलब्ध तथ्य संतोषजनक नहीं पाए गए। घटना की वास्तविक सत्यता ज्ञात करने एवं निष्पक्ष, पारदर्शी व घटना के सफल अनावरण किये जाने हेतु क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज के पर्यवेक्षण में 03 पुलिस टीमों को लगाया गया था तथा एसओजी/सर्विलांस टीम को भी आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
इस क्रम में थाना को0 कर्नलगंज व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा घटना की गहनता के जाचोपरांत इलेक्ट्रानिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर घटना का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त अमरनाथ को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर न्यायालय रवाना किया गया।
--हत्या करने का कारण--
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त अमरनाथ दूबे द्वारा बताया गया कि उसने इंटरमीडिएट व स्नातक की शिक्षा इलाहाबाद में रहकर पूर्ण की थी। वर्ष 2023 से 2025 तक वह दिल्ली में रहकर बाजीराम/रवि कोचिंग से यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। इसके बाद अगस्त 2025 से लखनऊ में रहकर तैयारी कर रहा था। अभियुक्त ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उसे परिवार से अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिल पा रहा था, जिससे वह लगातार तनाव में रहने लगा था। परिवार की आय-व्यय का पूरा नियंत्रण उसके बड़े भाई शिवशंकर दुबे के पास था। अभियुक्त के मन में यह धारणा बन गई थी कि उसका भाई जानबूझकर उसे पैसे नहीं दे रहा है और उसके भविष्य व कैरियर को खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर वह अंदर ही अंदर अपने भाई के प्रति द्वेष रखने लगा। जब उसे जानकारी हुई कि उसके माता-पिता 02 जनवरी को एक माह के लिए कल्पवास हेतु प्रयागराज जा रहे हैं, तब उसने मौका देखकर 01 जनवरी को लखनऊ से घर आने का निर्णय लिया। घर आने के बाद उससे खेती-बाड़ी व पशुओं की देखभाल का कार्य कराया जाने लगा। अभियुक्त के अनुसार इससे उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और उसे अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा था। उसे पैसों की सख्त आवश्यकता थी तथा उसे यह भी मालूम था कि उसके भाई के पास अक्सर नकदी रहती है। तभी उसने भाई की हत्या कर रुपये लेने की योजना बना ली। अभियुक्त ने बताया कि योजना के तहत उसने 27.01.2026 को कस्बा कर्नलगंज बस स्टॉप के पास कटरा रोड पर साइकिल से चाकू बेचने वाले व्यक्ति से 60 रुपये में चाकू खरीदा। इसके बाद वह उचित अवसर की तलाश में रहा। इसी बीच 31.01.2026 को पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाने के दौरान उसने कर्नलगंज कस्बे में रामतेज बिल्डिंग की दुकान पर 20 रुपये देकर उसी चाकू की धार तेज करायी। घटना की रात जब उसे लगा कि उसके भाई के पास अधिक पैसे हैं, तो रात्रि लगभग 11 बजे उसने खेत में पानी लगाने का बहाना बनाया और अपने भाई को साथ लेकर घर से निकला। अभियुक्त चाकू को अपनी जैकेट के अंदर छिपाकर ले गया था। रास्ते में सुनसान स्थान पर पहुंचते ही उसने अचानक अपने भाई पर चाकू से कई वार कर दिए। मृतक ने बचने का प्रयास किया और दोनों के बीच हाथापाई हुई, जिससे अभियुक्त के दोनों हाथों में भी चोटें आईं। लगातार हमले के कारण मृतक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हत्या करने के बाद अभियुक्त ने मृतक की जेब से रुपये निकाले और घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक खेत की मेड़ में मिट्टी से दबाकर छिपा दिए। इसके बाद खून लगा चाकू गेहूं के खेत में फेंक दिया। स्वयं को बचाने व शक से दूर रखने के लिए वह गांव की ओर भागते हुए शोर मचाने लगा कि उसके भाई को किसी ने मार दिया है। अभियुक्त की निशानदेही पर भुलावन यादव के खेत की मेड़ के पास से छिपाए गए कुल ₹31,500/- (सभी 500-500 रुपये के नोट) बरामद किए गए, जिनमें से कुछ नोटों पर खून के धब्बे पाए गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की है। घटना का सफल अनावरण करने वाली टीम को एसपी ने 25,000/- के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
