शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: खेरली नहर किनारे आपदा से निपटने का रिहर्सल: एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड सहित तमाम विभागों ने किया संयुक्त मोबिलाइजेशन अभ्यास!!

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गौतमबुद्धनगर: खेरली नहर किनारे आपदा से निपटने का रिहर्सल: एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड सहित तमाम विभागों ने किया संयुक्त मोबिलाइजेशन अभ्यास!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर | 06 फरवरी 2026

दो टूक:: आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) आठवीं बटालियन, गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम खेरली हफीजपुर स्थित खेरली नहर के किनारे एक व्यापक मोबिलाइजेशन अभ्यास (Mob Ex) का आयोजन किया गया।

यह मॉक अभ्यास जनपद की Hazard Vulnerability Risk Analysis के आधार पर आयोजित किया गया, जिसमें जल निकाय और नदी तट के समीप बसे क्षेत्रों में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया गया। खेरली नहर को अभ्यास स्थल के रूप में चयनित कर यह संदेश दिया गया कि बाढ़ व जलभराव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।

अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम, पुलिस प्रशासन तथा राजस्व विभाग की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ सहभागिता की। पुलिस विभाग की ओर से एडीसीपी (मुख्यालय) संतोष कुमार, एनडीआरएफ से सेकेंड इन कमान सूर्यकुमार मौर्य तथा राजस्व प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में यह मॉक ड्रिल संपन्न कराई गई।

इसके अतिरिक्त फायर ब्रिगेड से एफएसओ जितेंद्र कुमार, एसडीआरएफ से विवेक श्रीवास्तव एवं मेडिकल टीम से डॉ. मनीष यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी अभ्यास में सक्रिय रूप से शामिल रहे। अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना, प्राथमिक उपचार, आपसी संचार व्यवस्था तथा त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

मोबिलाइजेशन अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नहर व नदी के आसपास निवास करने वाले ग्रामीणों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाना रहा।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके और राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।।