शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

गौसेवा में गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर: गौतमबुद्धनगर की गौशालाओं का निरीक्षण कर बोले गौ सेवा आयोग सदस्य रमाकांत उपाध्याय!!

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गौसेवा में गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर: गौतमबुद्धनगर की गौशालाओं का निरीक्षण कर बोले गौ सेवा आयोग सदस्य रमाकांत उपाध्याय!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर, 06 फरवरी 2026।
दो टूक:: उत्तर प्रदेश सरकार के मा. सदस्य गौ सेवा आयोग श्री रमाकांत उपाध्याय ने गुरुवार को जनपद गौतमबुद्धनगर की विभिन्न गौशालाओं का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की गौशालाओं में की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ स्थानों पर पाई गई कमियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण की शुरुआत नोएडा सेक्टर-94 स्थित श्री जी गौसदन से हुई, जो गौ सेवा आयोग में पंजीकृत है। यहां गौशाला की व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता की पाई गईं। गौ उत्पादों के निर्माण, प्रयोगशाला संचालन एवं गौवंश की देखभाल की व्यवस्थाओं को देखकर मा. सदस्य ने गौशाला संचालकों के प्रयासों की सराहना की और इसे अन्य गौशालाओं के लिए अनुकरणीय बताया।

इसके उपरांत मा. सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने ग्रेटर नोएडा के ग्राम जलपुरा स्थित, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा संचालित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ठंड के मौसम में गौवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी गौवंशों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने, ठंड से बचाव हेतु समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निरीक्षण में सामने आई अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

मा. सदस्य ने कहा कि गौसेवा एवं गौवंश संरक्षण उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप गौशालाओं का संचालन संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मा. सदस्य ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने गोबर से पेंट, अगरबत्ती, दीपक सहित अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण का कार्य प्रारंभ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे जहां गौशालाओं की आय में वृद्धि होगी, वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़कर स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण देकर इस पहल से जोड़ा जाए, ताकि गौशालाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें और जनभागीदारी सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।