गोण्डा- एनआरएलएम योजनान्तर्गत जनपद में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल की जा रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ते हुए नवाचार आधारित गतिविधियों को अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। इसी क्रम में के विकास खण्ड वजीरगंज की ग्राम पंचायत करनीपुर स्थित गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ जूट एवं वेस्ट मैटेरियल से आकर्षक, टिकाऊ और उपयोगी हैण्डीक्राफ्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों में बैग, सजावटी सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ एवं उपहार सामग्री शामिल हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग देखी जा रही है।
समूह की सदस्य मीरा, रेशमा, नीलम, ममता, रामवती सहित अन्य महिलाएँ पर्यावरण- अनुकूल सामग्री का प्रयोग कर न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण के संदेश को भी जन-जन तक पहुँचा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि एनआरएलएम से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिला, जिससे वे स्वरोजगार की ओर अग्रसर हुईं।
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के सतत प्रयासों से जनपद में आधी आबादी के सपनों को नई दिशा मिल रही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त स्वतः रोजगार को ब्राण्ड अरगा के अंतर्गत इन उत्पादों को सम्मिलित करने हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे उत्पादों को व्यापक पहचान, बेहतर विपणन और स्थायी आय का अवसर प्राप्त होगा।
