गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में लापरवाही का कहर, ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, खेलते दो मासूम गंभीर घायल!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
ग्रेटर नोएडा।
दो टूक// ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रौनीजा गांव में रविवार शाम लापरवाही और तेज रफ्तार का खामियाजा दो मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा। गांव के भीतर से गुजर रही ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिसकी चपेट में पास में खेल रहे दो बच्चे आ गए। ईंटों के मलबे में दबने से दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों की तत्परता से अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री लेकर गांव की संकरी सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रॉली पलट गई। हादसे के वक्त सड़क किनारे खेल रहे 8 वर्षीय भूपेंद्र और 11 वर्षीय मानव ईंटों के नीचे दब गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े।
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को ईंटों के ढेर से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
हादसे के बाद गांव में आक्रोश और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी वाले इलाकों से भारी वाहनों का तेज गति से गुजरना आम हो गया है, जिससे बच्चों और राहगीरों की जान हमेशा खतरे में रहती है। लोगों ने प्रशासन से गांव के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने और गति सीमा तय करने की मांग की है।
पुलिस को नहीं मिली आधिकारिक जानकारी
इस संबंध में रबूपुरा कोतवाली प्रभारी श्याम बाबू शुक्ल ने बताया कि उन्हें अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।
सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के भीतर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है। फिलहाल पूरे गांव में घायल बच्चों की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है।।
