सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: बिजली-पानी के लिए किसानों का बड़ा आंदोलन, सेक्टर-16 बिजली घर के घेराव से पहले अलर्ट मोड पर प्रशासन!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: बिजली-पानी के लिए किसानों का बड़ा आंदोलन, सेक्टर-16 बिजली घर के घेराव से पहले अलर्ट मोड पर प्रशासन!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

डूब क्षेत्र की अनदेखी के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान-कामगार, भारी पुलिस बल तैनात

नोएडा।
दो टूक:: नोएडा के डूब क्षेत्र में वर्षों से बिजली कनेक्शन और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित किसानों एवं कामगार वर्ग का आक्रोश बुधवार को खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। नोएडा सेक्टर-5 स्थित बारात घर में सैकड़ों की संख्या में किसान और स्थानीय निवासी एकत्रित हुए, जहां भारतीय किसान परिषद किसान यूनियन के अध्यक्ष सुखबीर ख़लीफ़ा के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं अलग-अलग स्थानों पर पुलिस पिकेट और बैरिकेडिंग भी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

किसान नेताओं ने कहा कि नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले लाखों परिवार पिछले कई वर्षों से बिजली कनेक्शन के लिए परेशान हैं। बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जीवन और छोटे-मोटे व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।

किसानों के अनुसार, डूब क्षेत्र में करीब दो लाख से अधिक कामगार वर्ग और किसान परिवार निवास करते हैं, जो न केवल बिजली बल्कि स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। मजबूरी में लोग अवैध कनेक्शन या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने को विवश हैं, जिससे हादसों का खतरा भी बना रहता है।

इसी उपेक्षा के विरोध में आज किसान और स्थानीय निवासी नोएडा सेक्टर-16 स्थित बिजली घर का घेराव करेंगे। आंदोलन को देखते हुए सेक्टर-16 और आसपास के इलाकों में भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए लगातार किसानों से संवाद किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अब अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं

फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।।