गौतमबुद्धनगर: सरकारी ज़मीनों पर बढ़ते अवैध कब्ज़ों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन मंच का अल्टीमेटम!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
25 फरवरी तक कार्रवाई नहीं तो तहसील दादरी पर होगा बड़ा धरना
ग्रेटर नोएडा//दादरी।
दो टूक:: भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में तहसील दिवस के अवसर पर किसानों ने एसडीएम दादरी श्रीमती अनुज नेहरा को ज्ञापन सौंपकर सरकारी ज़मीनों को भूमाफियाओं से कब्ज़ा मुक्त कराने की पुरज़ोर मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि जनपद में लगातार सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़े किए जा रहे हैं, लेकिन बीते तीन वर्षों से शिकायतों के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि सरकारी ज़मीनों पर हो रहे अवैध कब्ज़े केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि यह गांवों के भविष्य, ग्रामीण विकास और गरीबों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान, बारात घर, तालाब, स्कूल, अस्पताल और गरीब परिवारों के लिए आरक्षित भूमि पर कॉलोनाइजरों और भूमाफियाओं द्वारा कब्ज़ा किया जा रहा है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मास्टर मनमिंदर भाटी ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी ज़मीनों को कब्ज़ा मुक्त कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिले में उन आदेशों का पालन नहीं हो रहा। भारतीय किसान यूनियन मंच संवाद और लोकतांत्रिक तरीकों से किसानों की लड़ाई लड़ता आया है, लेकिन यदि मजबूर किया गया तो संगठन बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने कहा कि ग्राम पंचायतें समाप्त होने के बाद से गांवों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के जिन गांवों की ज़मीनों का अधिग्रहण नहीं हुआ है, वहां कुछ किसानों की सहमति के आधार पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा ज़मीन ले ली गई, लेकिन आज तक वहां कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।
प्रदेश प्रभारी विक्रान्त भाटी ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सरकारी एलएमसी ज़मीनों का अब कोई रिकॉर्ड नहीं बचा है। भूमि, सड़क, भवन और रेलवे की सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्ज़े कर लगातार कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
जिला प्रभारी अजब सिंह भाटी ने कहा कि कॉलोनाइजरों द्वारा सरकारी ज़मीनों को चारों ओर से घेरा जा रहा है। यदि खातों की निष्पक्ष जांच की जाती तो यह भूमि ग्राम के सार्वजनिक उपयोग—जैसे खेल का मैदान, बारात घर, चिकित्सालय, पुस्तकालय, ओपन जिम, तालाब, पेड़-पौधे और भूमिहीन गरीब परिवारों को पट्टे के लिए—प्रयोग में लाई जा सकती थी, लेकिन इसके विपरीत अवैध निर्माण खुलेआम हो रहा है।
ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष विकास कलशन ने बताया कि श्यौराजपुर, खोदना कला, तिलपता, खेड़ी, भनौता, सुनपुरा, डेरीन स्कैनर, डेरी मच्छा, बैदपुर, जानसिवाना, कैलाशपुर, रूपवास सहित करीब 10 से 15 गांवों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 25 फरवरी 2026 तक सरकारी ज़मीनों को भूमाफियाओं से मुक्त नहीं कराया गया और गांवों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन मंच एवं समस्त ग्रामीणों को तहसील दादरी पर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर गजेंद्र बसौया, प्रिंस भाटी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), अमित बसौया, मोहित बसौया, अब्दुल कादिर, गुलफाम खान, चिंटू भाटी, सागर यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।।
