यमुना-हिण्डन घाटों पर बढ़ेगी सुरक्षा की ढाल: गौतमबुद्धनगर में 06 जल पुलिस चौकियों की स्थापना का प्रस्ताव!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर।
उत्तर प्रदेश में जल सुरक्षा और जन सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट द्वारा जिले में 06 जल पुलिस चौकियों की स्थापना की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यमुना, हिण्डन नदी, नहरों, घाटों एवं जल पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
धार्मिक आयोजनों, पर्व-त्योहारों और जल पर्यटन के दौरान घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं, डूबने की घटनाओं और अवैध गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है, जिससे त्वरित बचाव, राहत एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
प्रस्तावित जल पुलिस चौकियों का विवरण
नोएडा जोन
- थाना सेक्टर-126 – ओखला बैराज की पूर्व दिशा में, कालिंदी कुंज यमुना पुल के नीचे
सेंट्रल नोएडा जोन
2. थाना इकोटेक-3 – हिण्डन नदी के किनारे, कुलेसरा क्षेत्र
ग्रेटर नोएडा जोन
3. थाना नॉलेज पार्क – ग्राम कामबक्शपुर, यमुना तटीय क्षेत्र
4. थाना दादरी – कोट नहर, दादरी क्षेत्र
5. थाना दनकौर – खेरली नहर पुलिया, दनकौर क्षेत्र
6. थाना रबूपुरा – ग्राम चंडीगढ़, यमुना नहर क्षेत्र
धार्मिक आयोजनों में रहेगी विशेष सतर्कता
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा, छठ पूजा, दुर्गा पूजा सहित अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्रित होती है। इससे जल दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जल पुलिस चौकियों की स्थापना से ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा, निगरानी और त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन संभव हो सकेगा।
जल पुलिस चौकियों के मुख्य दायित्व
- घाटों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना
- भीड़ प्रबंधन, बैरीकेडिंग एवं बचाव कार्य
- नौकाओं का निर्धारित क्षमता के अनुसार संचालन सुनिश्चित करना
- अवैध गतिविधियों की रोकथाम
- स्थानीय नाविकों, गोताखोरों एवं आपदा मित्रों के साथ समन्वय
आधुनिक संसाधनों से होंगी लैस
प्रत्येक जल पुलिस चौकी को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। इनमें प्रशिक्षित पुलिस बल, रबरयुक्त बचाव नौकाएं (Rescue Boats), प्रशिक्षित बोट चालक, स्थानीय गोताखोर और आपदा मित्र शामिल रहेंगे। प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा प्रदान किया जाएगा।
प्रत्येक चौकी पर चौकी प्रभारी, मुख्य आरक्षी/आरक्षी के अतिरिक्त—
- 02 रबरयुक्त बचाव नौकाएं
- 02 बोट चालक एवं 02 सहायक बोट चालक
- प्रत्येक बोट के लिए 04 से 08 स्थानीय गोताखोर एवं आपदा मित्र तैनात रहेंगे।
क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार जनशक्ति में वृद्धि भी की जा सकेगी।
जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की यह पहल जल सुरक्षा, जन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे जिले के घाटों, नहरों और जल पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
