शनिवार, 31 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम: RAMP कार्यक्रम के तहत गौतमबुद्धनगर में एकीकृत जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न!!

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गौतमबुद्धनगर: एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम: RAMP कार्यक्रम के तहत गौतमबुद्धनगर में एकीकृत जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// गौतमबुद्धनगर | 31 जनवरी 2026

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के सशक्तिकरण, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि तथा समग्र औद्योगिक विकास के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत एक एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन विगत दिवस होटल रेडिसन ब्लू, गौतम बुद्ध नगर में किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, निर्यात अवसरों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, गुणवत्ता सुधार एवं प्रमाणन प्रणालियों के संबंध में समग्र एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राज कमल यादव (IAS), अपर आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक, यूपीएसआईसी लिमिटेड ने RAMP कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार की एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने UP MSME One Connect पोर्टल (www.msme1connect.up.gov.in) को एमएसएमई के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल समाधान बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म उद्यमियों को इंसेंटिव कैलकुलेटर, विशेषज्ञ परामर्श, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं औद्योगिक भूमि की रियल-टाइम उपलब्धता जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है, जिससे निवेश निर्णय अधिक सरल और त्वरित हो सकेंगे।

उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये एमएसएमई को प्लग-एंड-प्ले सुविधाएँ प्रदान कर लागत दक्षता, संचालन विस्तार एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

कार्यशाला के दौरान एमएसएमई के लिए आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाने विषय पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कृष्णन अय्यर (एनएसई), पार्वती मूर्ति (एसएमई हेड, एनएसई) एवं निधि महेश्वरी (सीनियर मैनेजर, एनएसई) ने एमएसएमई को पूंजी बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया, अवसरों एवं दीर्घकालिक लाभों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आलोक कुमार (IAS), अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार का प्रेरक संबोधन रहा। उन्होंने एमएसएमई को राज्य एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बताते हुए कहा कि सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत अवसंरचना और योजनाबद्ध हस्तक्षेपों के कारण उत्तर प्रदेश में औद्योगिक वातावरण निरंतर सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से हस्तशिल्प एवं कारीगर क्षेत्र की वैश्विक संभावनाओं पर बल देते हुए कहा कि उत्पादन में पैमाना, मानकीकरण एवं मजबूत वैल्यू-चेन एकीकरण से प्रदेश के एमएसएमई वैश्विक बाजार में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत ZED (Zero Defect Zero Effect) योजना एवं गुणवत्ता प्रमाणन पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन सोनल सग्गी, प्रबंध निदेशक, आरएसजे कंसल्टेंसीज द्वारा किया गया। वहीं हेमंत कुमार, उप महानिदेशक, DGFT ने निर्यात प्रक्रियाओं, नीतिगत प्रावधानों एवं अवसरों पर मार्गदर्शन दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में आर. के. भारती, निदेशक, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई विकास हेतु संचालित योजनाओं एवं सहयोग कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ECGC) की योजनाओं पर आदित्य कुशिक मोहन द्वारा प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान व्यावहारिक एवं समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण से किया गया। समापन अवसर पर उद्यमियों से नवाचार, गुणवत्ता सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग तथा निर्यात व निवेश के नए अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया गया।।