शनिवार, 31 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: नित्यानन्द त्रयोदशी पर इस्कॉन नोएडा में भव्य ब्रह्मोत्सव, 12वें स्थापना दिवस पर 2500 से अधिक भक्त हुए सहभागी!!

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गौतमबुद्धनगर: नित्यानन्द त्रयोदशी पर इस्कॉन नोएडा में भव्य ब्रह्मोत्सव, 12वें स्थापना दिवस पर 2500 से अधिक भक्त हुए सहभागी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा, 31 जनवरी 2026 !!
नित्यानन्द त्रयोदशी के पावन अवसर पर शनिवार को इस्कॉन नोएडा मन्दिर का 12वां स्थापना दिवस “ब्रह्मोत्सव” अत्यंत भक्ति, उल्लास और दिव्य वातावरण के बीच भव्य रूप से मनाया गया। इसी शुभ तिथि को 12 वर्ष पूर्व इस्कॉन नोएडा मन्दिर का भव्य उद्घाटन एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ था।

नित्यानन्द प्रभु, जिन्हें भगवान बलराम का अवतार माना जाता है, का अवतरण मानव समाज को भक्ति और प्रेम के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए हुआ था। जिस प्रकार द्वापर युग में कृष्ण-बलराम ने धर्म की स्थापना की, उसी परंपरा में कलियुग में लगभग 500 वर्ष पूर्व चैतन्य महाप्रभु और नित्यानन्द प्रभु के रूप में भगवान ने अवतार लिया। नित्यानन्द प्रभु द्वारा घर-घर जाकर भगवान के पवित्र नाम के जप का संदेश दिया गया।

इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए इस्कॉन के संस्थापकाचार्य कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी श्रील प्रभुपाद के प्रिय शिष्य परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज ने नित्यानन्द प्रभु के आविर्भाव दिवस को इस्कॉन नोएडा के उद्घाटन के लिए चुना, ताकि कृष्णभक्ति का संदेश नोएडावासियों के साथ-साथ पूरे विश्व में प्रसारित किया जा सके।

पिछले 12 वर्षों में इस्कॉन नोएडा एक प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है, जो लोगों के जीवन में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना लाने का सतत प्रयास कर रहा है। ‘फूड फॉर लाइफ’ और वेदों की शिक्षाओं के प्रचार जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से इस्कॉन नोएडा ने कृष्णभक्ति को घर-घर पहुँचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

ब्रह्मोत्सव के अवसर पर प्रातः 4:30 बजे मंगला आरती एवं मंगल दर्शन के साथ कार्यक्रमों का शुभारम्भ हुआ। मुख्य उत्सव प्रातः 9:30 बजे हरिनाम संकीर्तन के साथ प्रारम्भ हुआ। 10 बजे भगवान का पंचगव्य—गाय के दूध, दही, घी, शहद एवं ताजे फलों के रस से महाअभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर हरे कृष्ण महामंत्र के मधुर कीर्तन से गूंज उठा और भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर आनंद की अनुभूति की।

प्रातः 11 बजे श्रील प्रभुपाद के निजी शिष्य परम पूज्य नवयोगेन्द्र स्वामी महाराज ने नित्यानन्द प्रभु की दिव्य लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि नित्यानन्द प्रभु का अवतरण सभी को भक्ति प्रदान करने के लिए हुआ था और आज के समय में श्रील प्रभुपाद के निर्देशों का पालन करते हुए प्रत्येक भक्त को कृष्णभक्ति का प्रचार करना चाहिए, जिससे विश्व में शांति स्थापित हो सके।

दोपहर 12:30 बजे भगवान की भव्य महाआरती सम्पन्न हुई। इस अवसर पर भगवान को नवीन पोशाक अर्पित की गई तथा 108 प्रकार के देशी-विदेशी व्यंजनों का भोग लगाया गया। पूरा मन्दिर फूलों एवं आकर्षक सजावटी सामग्री से भव्य रूप से सजाया गया था। देश-विदेश से आए अनेकों भक्तों ने इस दिव्य उत्सव में सहभागिता की।

महोत्सव के समापन पर सभी भक्तों ने प्रेमपूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। इस ब्रह्मोत्सव में लगभग 2500 भक्तों की सहभागिता रही। कुल मिलाकर इस्कॉन नोएडा का 12वां स्थापना दिवस ब्रह्मोत्सव भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुआ।।