गौतमबुद्धनगर: NMRC कैलेंडर विवाद: निजी तस्वीरों पर कार्रवाई, ED महेंद्र प्रसाद हटाए गए!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) का वर्ष 2026 के लिए तैयार किया गया कैलेंडर इन दिनों गंभीर विवाद का कारण बन गया है। मेट्रो के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाने के उद्देश्य से बनाए गए इस कैलेंडर में शीर्ष अधिकारियों की निजी तस्वीरें शामिल किए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए NMRC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) महेंद्र प्रसाद को पद से हटा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, कैलेंडर में NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम. और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर महेंद्र प्रसाद की तस्वीरें अलग-अलग महीनों में प्रकाशित की गई थीं। खास बात यह रही कि दोनों अधिकारियों की तस्वीरें उनके जन्मदिन वाले महीनों में ही छापी गईं। इससे यह सवाल उठने लगे कि सरकारी संस्था के आधिकारिक कैलेंडर में निजी छवियों को स्थान किसके आदेश पर दिया गया।
MD लोकेश एम. ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी तस्वीर बिना किसी पूर्व अनुमति के कैलेंडर में शामिल की गई। तस्वीर में वे वीणा बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसे एक पूरी तरह निजी क्षण बताया गया है। वहीं ED महेंद्र प्रसाद की तस्वीर मेट्रो कॉरिडोर में टहलते हुए उनके जन्मदिन वाले महीने में छपी थी, जिसे लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई।
मामला सामने आते ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम. ने तत्काल कैलेंडर की प्रिंटिंग रुकवा दी। उन्होंने बताया कि कैलेंडर पर NMRC की ओर से कोई आधिकारिक खर्च नहीं किया गया था और केवल सैंपल कॉपी ही छपवाई गई थी। इसके साथ ही संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
इस पूरे प्रकरण के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई ED महेंद्र प्रसाद पर हुई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर कृष्णा करूणेश को नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संस्था के कैलेंडर में व्यक्तिगत प्रचार से जुड़े तत्व शामिल करना नियमों का उल्लंघन है और इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया है।
सूत्रों के मुताबिक, 2026 के कैलेंडर में नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स, यात्री सुविधाओं और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की झलक दिखनी चाहिए थी। लेकिन अधिकारियों की निजी तस्वीरों के कारण NMRC की छवि पर सवाल खड़े हो गए। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।।
