लखनऊ :
लोकबंधु हास्पिटल के सभी विभागों का हुआ भौतिक सत्यापन।
●शासन नामित अधिकारी डॉ० राजश्री ने अस्पताल का किया निरीक्षण।
दो टूक : एफआरयू (प्रथम संदर्भ इकाई) की क्रियाशीलता तथा उपलब्ध उपकरणों के सत्यापन के उद्देश्य से State Transformation Commission, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित डॉ० राजश्री चौधरी के नेतृत्व में लोक बंधु राज नारायण संयुक्त चिकित्सालय के सभी विभागों का व्यापक भौतिक निरीक्षण निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता की उपस्थिति में किया गया।
निरीक्षण के क्रम में एफआरयू से संबंधित सेवाओं, मानव संसाधन, उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता का परीक्षण किया गया तथा विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का समग्र आकलन किया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि जिले के इस संयुक्त जिला चिकित्सालय को फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) की श्रेणी में रखा गया है। यहां 24 घंटे विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों से आने वाले गंभीर मरीजों को इसी अस्पताल में रेफर किया जाता है।
FRU के अंतर्गत सिजेरियन डिलीवरी, ब्लड स्टोरेज, नवजात एवं बाल चिकित्सा देखभाल जैसी सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं का गुणवत्ता आश्वासन के अंतर्गत NQAS, कायाकल्प एवं मुस्कान सर्टिफिकेशन मानकों के अनुसार नियमित मूल्यांकन किया जाता है। साथ ही मातृ एवं नवजात मृत्यु की मासिक समीक्षा (Maternal & Neonatal Death Review) भी की जाती है।
चिकित्सालय परिसर में बोरवेल पाइपलाइन एवं फायर स्प्रिंकलर की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिसके कारण कुछ स्थानों पर सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसमें सुधार की आवश्यकता बताई।
इन कार्यों को शीघ्र, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से पूर्ण कराने तथा सफाई व्यवस्था को पुनः सुचारु बनाए रखने के लिए निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक द्वारा संबंधित सभी अधिकारियों एवं एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, साथ ही संबंधित सेवा प्रदाताओं को चेतावनी भी दी गई।
टीम ने इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब एवं ब्लड बैंक को उत्तर प्रदेश में मॉडल के रूप में सराहा। साथ ही SNCU एवं KMC में उच्च गुणवत्ता के साथ नवजात शिशुओं को प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं को अन्य अस्पतालों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता ने टीम का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित की गई सभी कमियों को शीघ्र एवं प्रभावी रूप से दूर किया जाएगा।
टीम ने स्वास्थ्य कर्मियों से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली तथा भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाग्रस्त घायलों के उपचार, एंबुलेंस सेवाओं, मेडिकल टेक्नीशियन की उपलब्धता एवं ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट की उपलब्धता की भी गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान लेबर रूम, मैटरनिटी ओटी, SNCU, दवा कक्ष, एक्स-रे, प्रयोगशाला सहित अन्य विभागों का अवलोकन कर सुविधाओं को सूचीबद्ध किया गया। साथ ही प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या भी दर्ज की गई।
टीम के भ्रमण के समय निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी, डॉ. पी.सी. तिवारी, डॉ. नीलांबर झा, डॉ. नीलम अहिरवार एवं चिकित्सालय प्रबंधक धनंजय प्रताप उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों एवं चिकित्सकों द्वारा टीम को अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों तथा प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
●शासन के नामित अधिकारी का चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने अस्पताल में स्वागत किया।
