शनिवार, 24 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन: कृष्णा करुणेश बने नोएडा अथॉरिटी के नए सीईओ, लोकेश एम वेटिंग लिस्ट में!!

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गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन: कृष्णा करुणेश बने नोएडा अथॉरिटी के नए सीईओ, लोकेश एम वेटिंग लिस्ट में!!

!! वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

लखनऊ/नोएडा।
दो टूक:: नोएडा के सेक्टर-150 में पानी भरे गड्ढे में कार डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची (वेटिंग) में डाल दिया गया है। उनकी जगह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है, जो शीघ्र ही कार्यभार संभालेंगे।

आईएएस कृष्णा करुणेश इससे पहले नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वह गोरखपुर के जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले कृष्णा करुणेश को ऐसे समय नोएडा अथॉरिटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जब प्राधिकरण और प्रशासन गंभीर सवालों के घेरे में है।

सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे के बाद आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में लोगों ने मार्च निकाला, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। इसके तहत नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया गया। लोकेश एम को जुलाई 2023 में नोएडा अथॉरिटी की कमान सौंपी गई थी।

सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी है। साथ ही इस मामले में तीन बिल्डरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि बीते रविवार को इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

नए सीईओ कृष्णा करुणेश मूल रूप से बिहार के निवासी हैं। वह एमए और एलएलबी की शैक्षणिक योग्यता रखते हैं और तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने करियर में वह कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद में एसडीएम व सीडीओ, तथा हापुड़ और बलरामपुर में जिलाधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। गोरखपुर के डीएम रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सख्ती और विकास कार्यों को लेकर अलग पहचान बनाई थी।

अब नोएडा अथॉरिटी की कमान ऐसे अधिकारी के हाथों में है, जिनसे शासन को कड़े फैसले, जवाबदेही तय करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की उम्मीद है।