गौतमबुद्धनगर: डूबने से पहले इंजीनियर युवराज मेहता का आख़िरी वीडियो आया सामने, कार पर बैठकर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाता दिखा युवक!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
नोएडा।
दो टूक:: नोएडा के सेक्टर-150 में पानी में डूबकर जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से पहले का एक अहम वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने घटना के वक्त की भयावह स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को बेनकाब कर दिया है। वीडियो में युवराज पानी से घिरी अपनी कार के ऊपर बैठा हुआ दिखाई देता है और वह मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर मदद का इंतज़ार करता नजर आ रहा है।
वीडियो ने खोली लापरवाही की परतें
सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवराज मेहता पानी से भरे प्लॉट में फंस गया था। चारों ओर पानी ही पानी था और अंधेरे के कारण स्थिति और भयावह हो गई थी।
युवराज अपनी कार के ऊपर बैठकर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाता दिखाई देता है, ताकि बचाव दल उसे देख सके। इसी दौरान दमकल विभाग के फायर फाइटर पानी में उतरते हुए नजर आते हैं।
वीडियो में आवाज़ सुनाई देती है—
“बहुत अच्छे दोस्त… क्या पानी बहुत गहरा है बेटा, रुक जाओ, एक गाड़ी और मंगाई है।”
यह संवाद बताता है कि मौके पर रेस्क्यू संसाधन नाकाफी थे और समय पर प्रभावी बचाव नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान, SIT जांच जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक की और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
SIT को 5 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी उजागर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर—
- पानी से भरे प्लॉट के चारों ओर बैरिकेडिंग नहीं थी
- कोई चेतावनी बोर्ड या संकेतक मौजूद नहीं था
- सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था पूरी तरह नाकाम थी
इन्हीं चूकों के कारण एक होनहार युवा को अपनी जान गंवानी पड़ी।
बिल्डरों पर शिकंजा, दूसरी FIR दर्ज
युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने दूसरी FIR दर्ज की है।
इस FIR में—
- लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन
- एम्सडी विशटाउन प्रा. लि.
के शेयर होल्डर्स को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने पांच शेयर होल्डर्स को नामजद किया है।
एम्सडी विशटाउन परियोजना के मालिक अभय कुमार को हिरासत में लिया गया है।
नोएडा प्राधिकरण पर भी कार्रवाई
मामले में लापरवाही बरतने पर—
- नोएडा प्राधिकरण के एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है
- अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है
- बिल्डरों और प्लॉट मालिकों को सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर नोटिस दिए गए हैं
अब सवाल सिस्टम से
युवराज मेहता की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि—
- क्या हाईटेक कहे जाने वाले नोएडा में बुनियादी सुरक्षा सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?
- अगर समय रहते बैरिकेडिंग और चेतावनी होती, तो क्या युवराज की जान बच सकती थी?
अब सबकी नजरें SIT की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि युवराज को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।।
