गुरुवार, 22 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: इंजीनियर युवराज की मौत पर NGT सख्त, नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही पर कड़ा रुख!!

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गौतमबुद्धनगर: इंजीनियर युवराज की मौत पर NGT सख्त, नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही पर कड़ा रुख!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
लखनऊ/ नोएडा: नोएडा में वॉटरलॉगिंग के चलते इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। एनजीटी ने इस पूरे मामले को गंभीर पर्यावरणीय और प्रशासनिक चूक मानते हुए नोएडा प्राधिकरण समेत संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है।

एनजीटी के संज्ञान में आया है कि सेक्टर-150 में बनाई गई ट्रेंच समय के साथ स्थायी तालाब में तब्दील हो गई, जहां जलभराव की स्थिति वर्षों से बनी हुई थी। इसके बावजूद स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट योजना को लागू नहीं किया गया। ट्रिब्यूनल ने इस लापरवाही पर गहरी चिंता जताई है।

जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्र में हेड रेगुलेटर नहीं लगाए गए, जिसके चलते बरसाती और निकासी का पानी लंबे समय से जमा होता रहा। इसी जलभराव में डूबने से इंजीनियर युवराज की मौत हो गई, जिसने प्रशासनिक तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एनजीटी ने नोएडा प्राधिकरण को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), सिंचाई विभाग और पांच संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा है। साथ ही पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव को पूरे मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि सभी पक्ष अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना-अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि नोएडा जैसे हाईटेक शहर में बुनियादी ढांचे, जल निकासी व्यवस्था और पर्यावरणीय नियोजन की गंभीर खामियों को उजागर करता है। अब एनजीटी की सख्ती के बाद प्रशासन की जवाबदेही तय होने की उम्मीद की जा रही है।।