गुरुवार, 13 नवंबर 2025

गौतमबुद्धनगर: नोएडा का निठारी कांड : 18 साल बाद सह-आरोपी सुरेंद्र कोली रिहा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा का निठारी कांड : 18 साल बाद सह-आरोपी सुरेंद्र कोली रिहा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा, 13 नवंबर !!
देश को झकझोर देने वाले बहुचर्चित निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने सह-आरोपी सुरेंद्र कोली की क्यूरेटिव पिटीशन स्वीकार करते हुए सभी पूर्ववर्ती फैसले रद्द कर दिए और उसे पूरी तरह बरी कर दिया। फैसले के बाद कोली को ग्रेटर नोएडा स्थित लुक्सर जेल से पुलिस सुरक्षा में रिहा कर दिया गया।

रिहाई के समय कोली नए कोट-पैंट में जेल से बाहर निकला और बिना किसी बयान के पुलिस सुरक्षा में रवाना हुआ। कोली पर हत्या, दुष्कर्म और अमानवीय कृत्यों से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज थे। इनमें से 12 मामलों में वह पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो चुका था, जबकि अंतिम केस में सुप्रीम कोर्ट ने उसे राहत दी।

वर्ष 2005 से 2007 के बीच घटित इस भीषण कांड में नोएडा के निठारी गांव से 14 से अधिक बच्चों के कंकाल बरामद हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। मामले के मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को भी अदालत पहले ही बरी कर चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही लगभग 18 वर्षों से चल रहे इस कांड की कानूनी गाथा का अंत हो गया है।

निठारी कांड से जुड़ी प्रमुख बातें:
🔹 देश को हिला देने वाला मामला: वर्ष 2005-2007 में नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों के लापता होने और बाद में कंकाल मिलने से सनसनी फैली थी।
🔹 सुरेंद्र कोली पर लगे गंभीर आरोप: हत्या, दुष्कर्म और मानव अंगों से जुड़ी बर्बर घटनाओं के 13 मामले दर्ज किए गए थे।
🔹 लंबी कानूनी लड़ाई: 12 मामलों में हाईकोर्ट से बरी, सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम केस में भी दी राहत।
🔹 मुख्य आरोपी पहले ही मुक्त: सह-आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को भी अदालत पहले ही बरी कर चुकी है।
🔹 सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय: क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के बाद सभी सजा आदेश रद्द, कोली को मिली पूर्ण स्वतंत्रता।।