मऊ :
मऊ की जनता त्रस्त, विधायक जी कोर्ट-कचहरी में व्यस्त : शक्ति सिंह ।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के पूर्व अध्यक्ष शक्ति सिंह ने मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी और उनके परिवार की तीन दशक की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए सात बिंदुओं का आरोप-पत्र जारी किया है। उन्होंने मऊ के औद्योगिक विकास, बुनकरों की समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, जलनिकासी और व्यापारिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए विधायक से जवाब मांगा है।
शक्ति सिंह ने कहा कि मऊ की पहचान कभी करघों की खटखटाहट, हथकरघा उद्योग और बुनकरों के हुनर से होती थी, लेकिन आज उद्योगों की बदहाली और रोजगार के अभाव के कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परदहां और स्वदेशी कॉटन मिलों के पुनरुद्धार तथा बुनकरों और मजदूरों के पुनर्वास के लिए प्रभावी पहल नहीं की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब वाराणसी में ट्रेड सेंटर और भदोही में कारपेट मार्ट जैसी सुविधाएं विकसित की गईं, तो मऊ में आधुनिक टेक्सटाइल हब और सरकारी यार्न बैंक की स्थापना के लिए ठोस पहल क्यों नहीं हुई? इसके साथ ही उन्होंने व्यापारियों की सुरक्षा, रंगदारी की शिकायतों, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और शहर की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी विधायक की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
शक्ति सिंह ने कहा कि मऊ की जनता को राशन, पेंशन और जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधि की जनता के बीच उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने विधायक की अनुपस्थिति और कानूनी मामलों में व्यस्तता को लेकर भी राजनीतिक सवाल उठाए।
मऊ के स्वाभिमान और विकास का मुद्दा उठाया
शक्ति सिंह ने कहा कि मऊ अब जेल और बेल की राजनीति से आगे बढ़कर विकास, रोजगार और स्वाभिमान की राह पर चलना चाहता है। जिले में उद्योगों को पुनर्जीवित करने, बुनकरों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने, व्यापारियों को सुरक्षित माहौल देने और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं और बजट का लाभ तभी मिल सकता है, जब क्षेत्र का जनप्रतिनिधि मजबूत पैरवी करे और जनता के बीच उपलब्ध रहे। मऊ को ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है, जो सरकार और प्रशासन के सामने जिले के मुद्दों को मजबूती से रख सके।
अंत में शक्ति सिंह ने कहा कि अब मऊ की जनता को तय करना है कि उसे कैसी राजनीति और कैसा जनप्रतिनिधि चाहिए। इस बार जिले के स्वाभिमान, रोजगार और सर्वांगीण विकास का फैसला जनता करेगी।
