मऊ :
बी-पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, काम पर लौटे सचिव-कर्मचारी।
दो टूक : मऊ में उर्वरक वितरण व्यवस्था हुई सामान्य, किसानों को अब खाद के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान
विस्तार :
मऊ जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बी-पैक्स समितियों के सचिव एवं कर्मचारी अपनी हड़ताल स्थगित कर काम पर लौट आए हैं। इससे जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था फिर से सुचारु होने लगी है। किसानों को अब खाद के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता मऊ विजय प्रकाश वर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 93 बी-पैक्स समितियां संचालित हैं, जिनमें उर्वरक बिक्री केंद्र भी स्थापित हैं। नियमित वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के बी-पैक्स सचिव एवं कर्मचारी 22 अक्टूबर 2026 से कार्य बहिष्कार कर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते जिले की कुछ समितियों पर खाद वितरण प्रभावित हुआ था।
किसानों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत क्रय-विक्रय सहकारी समितियों, जिला सहकारी विकास संघ, इफको एवं पीसीएफ के उर्वरक बिक्री केंद्रों से खाद का आवंटन एवं वितरण जारी रखा था।
उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को बी-पैक्स संगठनों के पदाधिकारियों और आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता उत्तर प्रदेश के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर पुनः कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए शासन स्तर पर अधिकारियों की समिति भी गठित की गई है।
वर्मा ने बताया कि 3 नवंबर को जनपद की अधिकांश बी-पैक्स समितियां खुली रहीं और जिन समितियों पर उर्वरक उपलब्ध था, वहां नियमानुसार किसानों को खाद वितरित की गई। जिलाधिकारी द्वारा किए गए आवंटन के सापेक्ष समितियों में आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि जमा कराकर उर्वरक की आपूर्ति तेजी से सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी सहकारी समितियों से यूरिया एवं फास्फेटिक उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन और सहकारिता विभाग द्वारा खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध हो सके।
