गुरुवार, 5 नवंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तट, काशी के 11 वैदिक आचार्य करेंगे भव्य महाआरती!!

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गौतमबुद्धनगर: 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तट, काशी के 11 वैदिक आचार्य करेंगे भव्य महाआरती!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा में पहली बार होगा ‘श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम’, 7 नवंबर को सेक्टर-94 में सजेगा आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम

दो टूक//नोएडा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से नोएडा में पहली बार ‘श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम-2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। आगामी 7 नवंबर को सेक्टर-94 स्थित यमुना तट पर कालिंदी कुंज पुल के समीप आयोजित होने वाले इस महासंगम में 21 हजार दीपों की रोशनी से यमुना तट जगमगाएगा। काशी से पधारने वाले 11 विद्वान वैदिक आचार्य विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां यमुना की भव्य महाआरती करेंगे। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला विशेष अवसर बनेगा।

आयोजन को लेकर गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब में अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि महासंगम का आयोजन 7 नवंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। इसमें वैदिक महायज्ञ, सामूहिक दीपदान, भव्य महाआरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और वैदिक मंत्रोच्चार प्रमुख आकर्षण रहेंगे। 21 हजार दीपों से यमुना तट को रोशन करने की तैयारियां की जा रही हैं।

संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा आयोजन के मुख्य संरक्षक ज्योतिषरत्न डॉ. गुरुजी गौतम ऋषि ने कहा कि इस महासंगम का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ मां यमुना की स्वच्छता, नदी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि काशी और अयोध्या की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरणा लेते हुए नोएडा में भी मां यमुना की आराधना और उनके संरक्षण को लेकर एक स्थायी सांस्कृतिक परंपरा विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार हैं। मां यमुना के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ उनके संरक्षण और स्वच्छता के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी भी बेहद जरूरी है। महासंगम के माध्यम से लोगों को इसी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

संस्था के राष्ट्रीय महासचिव ठाकुर मान सिंह चौहान ने बताया कि महासंगम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन को भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लगातार जुटे हुए हैं। उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों से परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचकर इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की।

आयोजन समिति में कार्यक्रम संयोजक मनोज गुप्ता, कार्यक्रम सचिव एफसीए डॉ. मनोरंजन मोहंती, राष्ट्रीय सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव और कार्यक्रम उपाध्यक्ष प्रेरित मान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

यमुना संरक्षण का भी लिया जाएगा संकल्प

महासंगम के दौरान श्रद्धालुओं और युवाओं को मां यमुना को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना इस आयोजन की विशेष पहल है। 21 हजार दीपों की रोशनी, काशी के विद्वान आचार्यों की महाआरती और वैदिक परंपराओं के बीच होने वाला यह महासंगम नोएडा में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ नदी संरक्षण का संदेश भी प्रसारित करेगा।