सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

लखनऊ :SGPGI में इंसानियत शर्मसार,एंबुलेंस से शव गिरने से फटा सिरपरिजनों का हंगामा।।||Lucknow:Humanity shamed at SGPGI, head explodes after body falls from ambulance, causing uproar among residents.||

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लखनऊ :
SGPGI में इंसानियत शर्मसार,एंबुलेंस से शव गिरने से फटा सिरपरिजनों का हंगामा।।
दो टूक : राजधानी के प्रतिष्ठित पीजीआई अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद भी कर्मचारियों का लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि करीब चार घंटे तक मरीज को समुचित इलाज नहीं मिला। मौत के बाद शव को एंबुलेंस में रखने के दौरान कर्मचारियों की लापरवाही से शव नीचे गिरा दिया गया, जिससे मृतक का सिर फट गया। इसके बाद शव को एंबुलेंस के बाहर जमीन पर ही छोड़ भाग गए और सिर से खून बहता रहा। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विस्तार :
मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ के थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के सेलेब्रिटी मीडोज अपार्टमेंट मे रहने वाले विजय वर्मा (58) उन्नाव जनपद के अकरमपुर स्थित निजी कंपनी में फूड प्रोडक्शन मैनेजर थे।
सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर एसजीपीजीआई इमरजेंसी लाया गया था। जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि कई घंटे तक उचित इलाज नहीं मिला और बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को शवगृह ले जाने के लिए एंबुलेंस में रखते समय कर्मचारियों से बॉडी नीचे गिर गई। गिरने से विजय के सिर में गंभीर चोट लगी और सिर फट गया। घटना के बाद इमरजेंसी कर्मचारी शव को मौके पर ही छोड़कर चले गए। शव काफी देर तक एंबुलेंस के बाहर जमीन पर पड़ा रहा और सिर से खून बहता रहा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया।
●मौत से पहले इलाज में देरी, मौत के बाद शव की भी दुर्दशा का आरोप।
मृतक विजय वर्मा के साले राजकुमार ने बताया कि विजय करीब चार घंटे तक इमरजेंसी में रहे, लेकिन उन्हें समय पर समुचित उपचार नहीं मिला और मौत हो गई। उपर से कर्मचारियों की लापरवाही ने परिवार को झकझोर दिया। उनकी पत्नी का करीब तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उनका 10 वर्षीय बेटा है। विजय की तीन बहनें हैं।
●लिखित जवाब मिलने तक पोस्टमार्टम से इनकार।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की लिखित जानकारी देने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से लिखित जवाब मिलने के बाद ही वे शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमत होंगे। घटना की सूचना पाकर पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया और पुलिस के हस्तक्षेप से पीजीआई प्रशासन घटना की लिखित देने पर शांत हुए।
●पुलिस चौकी ईन्चार्ज परवेज खान बताया कि पीजीआई अस्पताल में डियुटी चेंज होने पर स्वास्थ्य कर्मचारीआपस में भिड़ गए थे इसके बाद एक बाद शव को एंबुलेंस मे रखते समय शव नीचे गिर जाने से सिर फट गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुचा परिजनों की पीजीआई प्रशासन से अवगत कराया। घटना क्रम को लिखकर मिलने पर परिजन शांत हो गए।
 सवालवही इलाज में देरी किसकी जिम्मेदारी और शव के साथ हुई अमानवीय  लापरवाही का जवाब कौन देगा।