लखनऊ :
गोसाईगंज में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार,चोरी की ईको वैन बरामद।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना गोसाईगंज क्षेत्र में घर के बाहर खड़ी ईको वैन चोरी करने वाले चार शातिर वाहन चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई ईको वैन और वारदात में इस्तेमाल डाला वाहन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन लखनऊ और एक गोण्डा का निवासी है इनमें दो आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
विस्तार :
थाना गोसाईगंज इस्पेक्टर डी.के.सिंह ने बताया कि स्थानीय थाना क्षेत्र ग्राम मोहारीकला निवासी सुरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा की ईको वैन 20 अक्टूबर 2026 को उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की तहरीर पर गोसाईगंज थाने में मुकदमा संख्या 395/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के निर्देशन में तीन पुलिस टीमें गठित की गईं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से करीब 120 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों अर्जुन अरोड़ा, सुनील गौतम, सतीश और हरिओम को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 19 अक्टूबर की रात वाहन चोरी के इरादे से निकले थे, लेकिन कई जगह प्रयास के बावजूद सफल नहीं हुए। अगले दिन रात में एक मकान के सामने टीनशेड के नीचे खड़ी ईको वैन को चोरी कर लिया। उनकी योजना वैन को किसी दूर-दराज की डेंटिंग-पेंटिंग दुकान पर ले जाकर उसका रंग-रूप बदलने की थी, ताकि उसकी पहचान न हो सके। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन अरोड़ा निवासी राजाजीपुरम, सुनील गौतम निवासी बाजारखाला, सतीश निवासी आलमनगर और हरिओम निवासी गोण्डा, हाल पता मोतीनगर ऐशबाग के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, अर्जुन अरोड़ा के खिलाफ पीजीआई, कृष्णानगर, नाका और तालकटोरा समेत विभिन्न थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के नौ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सुनील गौतम के खिलाफ भी चोरी और अन्य मामलों में आठ मुकदमे दर्ज हैं। सतीश के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चोरी की ईको वैन और घटना में प्रयुक्त एक डाला वाहन बरामद किया है। मामले में मुकदमे में धारा 3(5) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
