बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

लखनऊ : वृंदावन योजना की EWS कॉलोनी में डेंगू का कहर,आधा दर्जन लोग बीमार।।Lucknow: Dengue wreaks havoc in the EWS colony of Vrindavan Yojana, half a dozen people are ill.

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लखनऊ :  
वृंदावन योजना सेक्टर 5 ई की EWS कॉलोनी में डेंगू का कहर,आधा दर्जन लोग बीमार।।
●सफाई और फॉगिंग न होने से भड़के निवासी, नगर निगम पर सौतेले व्यवहार का आरोप।।
दो टूक :  राजधानी लखनऊ के नगर निगम जोन-8 स्थित खरिका वार्ड-द्वितीय की वृंदावन योजना सेक्टर-5ई की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में डेंगू के बढ़ते प्रकोप से स्थानीय निवासियों में दहशत है। बारिश के बाद नियमित साफ-सफाई और फॉगिंग न होने से मच्छरों का आतंक बढ़ने का आरोप है। कॉलोनी के करीब आधा दर्जन लोग डेंगू बुखार की चपेट में आकर अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। वहीं, कई अन्य लोगों के भी निजी अस्पतालों में उपचार कराने की बात सामने आई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बारिश के बाद कॉलोनी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और न ही मच्छरों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग कराई गई। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बीमारी के डर से लोग घरों में नीम की पत्तियों और अन्य घरेलू उपायों का सहारा लेने को मजबूर हैं। 
विस्तार :
लखनऊ के वृन्दावन योजना सेक्टर पांच ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में डेंगू से पीड़ित बताए जा रहे लोगों में सेक्टर-5ई के निवासी अर्पित गुप्ता पुत्र अवधेश गुप्ता, सत्यम शुक्ला, राजकुमार की पत्नी, बिपिन और अरविंद शामिल हैं। इनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुछ अन्य लोगों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई है, लेकिन उनके भी निजी अस्पतालों में उपचार कराने की जानकारी दी गई है।
निवासियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से वीआईपी कॉलोनियों में सुविधाओं पर ध्यान दिया जाता है, जबकि ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों ने पार्षद और नगर निगम प्रशासन पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब सरकार को ट्रिपल इंजन की सरकार कहा जाता है, तो फिर बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को भटकना क्यों पड़ रहा है?
नाराज निवासियों का कहना है, “अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था।” लोगों का आरोप है कि जिन जनप्रतिनिधियों को उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में वोट दिया, वही उनकी कॉलोनी की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कॉलोनीवासियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने,और एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कराने और नियमित फॉगिंग शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन निवासियों की शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करता है।
◆ भाजपा शासन में एफआईआर के डर से नाम छिपाकर बोले कॉलोनीवासी।।

 वृंदावन योजना सेक्टर-5 ई की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में कूड़े, गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय निवासियों ने अपनी भड़ास निकालते हुए आरोप लगाया कि एफआईआर होने के डर से लोग अपने हक की बात कहने में भी सहमे रहते हैं। निवासियों ने भाजपा शासन में पार्षद और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए सवाल उठाए कि जब बुनियादी सुविधाएं ही नहीं मिल रहीं, तो आम जनता अपनी समस्याएं लेकर आखिर किसके पास जाए?
लोगों का कहना है कि कॉलोनी में कूड़े और साफ-सफाई की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू के मामले सामने आने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
निवासियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जबकि वीआईपी कॉलोनियों में सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने कहा कि वे अपनी समस्याएं खुलकर उठाना चाहते हैं, लेकिन भाजपा शासन मे जिम्मेदार अपनी कमियां नही स्वीकार कर पाते है उल्टे प्रताड़ित करने वाली कार्रवाई करतै है।बातचीत के दौरान कॉलोनी वासियों की नाराजगी स्थानीय पार्षद और नगर निगम प्रशासन के प्रति साफ दिखाई दी। मामला लोक तंत्र का है इन्तजार वक्त का अपेक्षा भविष्य से है।