गौतमबुद्धनगर: पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे बच्चों के हाथों में थमा दी रोड़ी-डस्ट की टोकरियां! नूरपुर प्राथमिक विद्यालय का वीडियो वायरल होने का दावा!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। दादरी तहसील क्षेत्र के नूरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल बताए जा रहे वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहने कुछ बच्चे कड़ी धूप के बीच सड़क पर रोड़ी-डस्ट और बजरी हटाते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि बच्चों से स्कूल परिसर में निर्माण अथवा साफ-सफाई से जुड़े काम भी कराए जा रहे हैं।
वीडियो में बच्चों के हाथों में फावड़े और टोकरियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं, स्कूल परिसर में कई स्थानों पर जलभराव और निर्माण सामग्री भी नजर आने की बात कही जा रही है। एक अन्य आरोप में बच्चों से शिक्षकों की गाड़ियां साफ कराने की बात भी सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामला सामने आने के बाद शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने विद्यालय के शिक्षकों पर अभद्रता करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने बच्चों से इस तरह काम कराए जाने को लेकर सवाल उठाए तो उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।
बच्चों की पढ़ाई या मजदूरी?
सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा हासिल करना है। ऐसे में यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है कि आखिर स्कूली बच्चों से निर्माण सामग्री हटाने अथवा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य क्यों कराया जा रहा था।
स्कूल में सफाई, निर्माण या रखरखाव से संबंधित काम के लिए संबंधित विभाग द्वारा कर्मचारियों की व्यवस्था की जाती है। ऐसे में बच्चों को इस तरह के कार्यों में लगाए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है और मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा विभाग द्वारा जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों से वास्तव में किस उद्देश्य से काम कराया जा रहा था और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और शिकायत के बाद विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।।
