रविवार, 18 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: बरौला में खुले नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, प्राधिकरण की लापरवाही पर उठे सवाल!!

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गौतमबुद्धनगर: बरौला में खुले नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, प्राधिकरण की लापरवाही पर उठे सवाल!!
 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
कई हादसों के बावजूद नहीं ढके गए खुले नाले, अंधेरे और बदहाल सड़क से ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में; चौधरी बीसी प्रधान ने सड़क, स्ट्रीट लाइट और नालों को ढकने की उठाई मांग

दो टूक//नोएडा, 18 अक्टूबर 2026। नोएडा के बरौला गांव में खुले नाले में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लोगों और मवेशियों के खुले नालों में गिरने की घटनाएं सामने आने के बावजूद अब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। नालों को खुला छोड़ने, सड़क की बदहाल स्थिति और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है।

सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी बीसी प्रधान बरौला ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि खुले नालों के कारण लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बरौला गांव के पास कई वर्षों से नाले खुले पड़े हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

 खुले नाले, अंधेरा और गड्ढों वाली सड़क बनी मुसीबत

चौधरी बीसी प्रधान के मुताबिक, बरौला नाले के आसपास की सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण शाम होते ही क्षेत्र में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में राहगीरों को आवागमन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। खुले नालों और अंधेरे के कारण बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं के नाले में गिरने का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते खुले नालों को ढकने और सड़क पर रोशनी की व्यवस्था करने जैसे जरूरी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता था। अब अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है।

 चौधरी बीसी प्रधान का सवाल—आखिर कब जागेगा प्राधिकरण?

चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि क्षेत्र में पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार समस्या के स्थायी समाधान के बजाय आश्वासन ही मिलते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कितनी घटनाओं के बाद प्राधिकरण के अधिकारी जागेंगे और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे?

उन्होंने सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि बरौला के खुले नालों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को अपनी जान न गंवानी पड़े।

ग्रामीणों में नाराजगी, स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खुले नालों के कारण बच्चों और बुजुर्गों के साथ कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। कई लोग पहले भी नालों में गिरने से बाल-बाल बच चुके हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि समस्या को केवल शिकायतों और आश्वासनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर काम कराकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन के लिए सुरक्षित सड़क, पर्याप्त रोशनी और नालों को ढकने की व्यवस्था किसी भी क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। इन सुविधाओं के अभाव में लोगों की सुरक्षा को खतरे में नहीं छोड़ा जा सकता।

तीन प्रमुख मांगें उठाईं

चौधरी बीसी प्रधान बरौला ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि क्षेत्र की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उनकी प्रमुख मांगें हैं—

* पक्की सड़क का निर्माण: बरौला नाले के आसपास क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराकर पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि लोगों का आवागमन सुरक्षित हो सके।

* स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था: नाले और सड़क के आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं, जिससे रात के समय अंधेरे के कारण होने वाले हादसों की आशंका कम हो।

 *खुले नालों को ढका जाए: सभी खुले नालों को आरसीसी स्लैब से ढककर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि लोग और पशु उनमें गिरने से बच सकें।

 मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

चौधरी बीसी प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी समस्या के समाधान के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की गई और मौके पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बरौला में खुले नालों और बदहाल सड़क की समस्या का समाधान कब होगा? अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नोएडा प्राधिकरण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी अन्य घटना को रोका जा सके।