रविवार, 18 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा स्टेडियम के दशहरा मेले में मिशन शक्ति टीम बनी बिछड़े बच्चों का सहारा, 9 बच्चों को परिजनों से मिलाया!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा स्टेडियम के दशहरा मेले में मिशन शक्ति टीम बनी बिछड़े बच्चों का सहारा, 9 बच्चों को परिजनों से मिलाया!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

मिशन शक्ति 6.0 के तहत पुलिस की सराहनीय पहल, गुम हुआ मोबाइल भी बरामद कर मालिक को सौंपा

दो टूक//नोएडा। नोएडा स्टेडियम में आयोजित दशहरा मेले के दौरान मिशन शक्ति टीम ने संवेदनशीलता, सतर्कता और तत्परता का परिचय देते हुए अपने परिजनों से बिछड़े नौ बच्चों को सकुशल तलाश कर उनके परिवारों से मिलाया। इसके साथ ही मेले में गुम हुए एक मोबाइल फोन को भी बरामद कर उसके स्वामी को सौंप दिया गया। पुलिस की इस पहल से मेले में आए उन परिवारों को बड़ी राहत मिली, जिनके बच्चे भीड़ के बीच बिछड़ गए थे।

पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनिति, पुलिस उपायुक्त नोएडा साद मियां खान तथा अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा अभय कुमार मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में मिशन शक्ति टीम स्थानीय पुलिस के साथ विभिन्न मेलों, दुर्गा पूजा पंडालों और रामलीला स्थलों पर सक्रिय रहकर लोगों की सहायता कर रही है।

भीड़ में बिछड़े बच्चों को सुरक्षित तलाशकर परिवारों से मिलाया

नोएडा स्टेडियम में आयोजित दशहरा मेले के दौरान थाना सेक्टर-24 नोएडा की मिशन शक्ति टीम ने जनसहायता और सुरक्षा ड्यूटी के दौरान कई सराहनीय कार्य किए। 11 अक्टूबर 2026 को मेले में करीब नौ वर्षीय बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई थी। टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालिका को तलाश कर सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द किया। इसी दिन एक व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम होने पर पुलिस टीम ने खोजबीन कर उसे बरामद किया और उसके स्वामी को सौंप दिया।

12 अक्टूबर को करीब तीन वर्षीय बालक मेले में अपने परिजनों से बिछड़ गया। मिशन शक्ति टीम ने बच्चे को सकुशल तलाश कर उसके पिता के सुपुर्द किया। वहीं, 16 अक्टूबर को टीम ने करीब आठ वर्षीय बालक को उसकी मां, सात वर्षीय बालिका को उसकी दादी और खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद निवासी करीब 16 वर्षीय बालक को सुरक्षित तलाश कर उसके परिचित के साथ घर के लिए रवाना किया।

17 अक्टूबर को भी मिशन शक्ति टीम का जनसहायता अभियान जारी रहा। इस दिन मेले में अपने परिवारों से बिछड़ी करीब तीन वर्षीय बालिका को उसके माता-पिता, करीब दो वर्षीय बालक को उसके पिता और करीब आठ वर्षीय बालिका को उसके नाना के सुपुर्द किया गया। टीम ने सभी मामलों में तत्परता से कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

महिलाओं और बालिकाओं को भी किया जा रहा जागरूक

मिशन शक्ति 6.0 अभियान के अंतर्गत पुलिस टीम केवल गुम हुए बच्चों और नागरिकों की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं एवं बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों के प्रति जागरूक भी कर रही है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सतर्कता और संवेदनशीलता से पुलिस ने जीता लोगों का भरोसा

दशहरा मेले जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भारी भीड़ के कारण छोटे बच्चों का परिजनों से बिछड़ जाना परिवारों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। ऐसे में मिशन शक्ति टीम की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से नौ बच्चों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने में सफलता मिली। साथ ही गुम हुआ मोबाइल फोन भी उसके मालिक को वापस दिलाया गया।

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की ओर से आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरतमंद नागरिकों की सहायता के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन शक्ति टीम की यह पहल पुलिस की जनसेवा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाती है।।