गौतमबुद्धनगर: विदेशी सिविल सेवकों ने नोएडा साइबर सिक्योरिटी सेल का किया दौरा, साइबर अपराध से निपटने का मॉडल समझा!!
दो टूक//नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की तकनीक आधारित साइबर पुलिसिंग और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा किया गया। भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) के तत्वावधान में आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत विभिन्न देशों से आए करीब 40 सिविल सेवकों और प्रतिनिधियों ने मंगलवार को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में साइबर सिक्योरिटी सेल, नोएडा का भ्रमण किया।
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में डीसीपी साइबर प्रीति यादव के नेतृत्व में विदेशी प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष संवाद एवं गोष्ठी हुई। इस दौरान प्रतिनिधियों को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग, तकनीकी विश्लेषण और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
तकनीक आधारित साइबर पुलिसिंग मॉडल की दी जानकारी
गोष्ठी के दौरान प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि साइबर अपराधों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके सामने आने के साथ पुलिस के सामने भी नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों, डेटा विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और आधुनिक साइबर पुलिसिंग तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है।
साइबर सिक्योरिटी सेल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराध से संबंधित शिकायत मिलने के बाद तकनीकी स्तर पर उसका विश्लेषण किया जाता है। डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं उपयोग के साथ संबंधित संस्थाओं और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
साइबर ठगी के नए तरीकों और चुनौतियों पर हुआ मंथन
कार्यक्रम में साइबर अपराध की रोकथाम और विवेचना से जुड़ी विभिन्न बेस्ट प्रैक्टिसेज भी विदेशी प्रतिनिधियों के साथ साझा की गईं। ऑनलाइन फ्रॉड के बदलते तरीकों, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल और साइबर अपराधों की निगरानी से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
प्रतिनिधियों को साइबर अपराधों की निगरानी एवं विश्लेषण, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, डिजिटल साक्ष्यों के इस्तेमाल और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों से अवगत कराया गया।
जन-जागरूकता को भी बताया अहम हथियार
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की तकनीकी कार्रवाई के साथ आमजन में जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया गया। प्रतिनिधिमंडल को गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियानों, ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों और नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए दी जा रही आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस की ओर से बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए नागरिकों को जागरूक करना, समय रहते शिकायत दर्ज कराना और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विभिन्न देशों के अनुभव भी हुए साझा
कार्यक्रम के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने देशों में साइबर अपराधों से निपटने के अनुभव, चुनौतियों और कार्यप्रणाली को साझा किया। साइबर सुरक्षा, डिजिटल अपराधों की रोकथाम, तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल और प्रभावी पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रतिनिधियों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने गौतमबुद्धनगर पुलिस की तकनीक आधारित साइबर पुलिसिंग व्यवस्था, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और साइबर जागरूकता के प्रयासों में विशेष रुचि दिखाई।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ साइबर पुलिसिंग की कार्यप्रणाली और अनुभव साझा किए जाने से विभिन्न देशों के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के नए अवसर मजबूत होंगे।
गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा बदलते साइबर अपराधों की चुनौतियों के अनुरूप तकनीक, नवाचार, त्वरित कार्रवाई, जन-जागरूकता और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से साइबर सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।।
