गौतमबुद्धनगर: महर्षि नगर की रामलीला में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, कुंभकर्ण, मेघनाद और अहिरावण वध का भव्य मंचन!!
दो टूक//नोएडा, सेक्टर-110। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर में आयोजित दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला महोत्सव में सोमवार को रामायण के प्रमुख प्रसंगों का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया। कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और अहिरावण वध के रोमांचक दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, सुलोचना और मंदोदरी के बीच संवाद ने युद्ध के बीच पारिवारिक पीड़ा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत कर दिया। रामलीला का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय निवासी पहुंचे। पूरा परिसर धार्मिक आस्था और जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान रहा।
मीडिया प्रभारी ए.के. लाल ने बताया कि महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के दर्जा प्राप्त मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा चौधरी तेज सिंह, चौधरी नवाब सिंह, श्यामू पाठक, नीतू गुप्ता, सुषमा सिंह, पूजा गुप्ता, मिनी श्रीवास्तव, पुष्पा सिंह और रिंकी गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
युद्ध के रोमांचक दृश्यों ने बांधा समां
रामलीला के दौरान कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को मंच पर सजीव कर दिया। कुंभकर्ण वध और मेघनाद वध के दृश्यों के दौरान दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं, सुलोचना और मंदोदरी के संवादों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इन प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।
परिवारों के साथ रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंचन का आनंद लिया। कथा के प्रत्येक प्रसंग के साथ दर्शक भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़ते नजर आए। रामलीला ने धार्मिक मनोरंजन के साथ लोगों को जीवन में सत्य, सदाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी दी।
पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और वैदिक अनुष्ठानों से भक्तिमय हुआ महर्षि नगर
दुर्गा पूजा एवं श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, वेदपाठ, भजन-कीर्तन, प्रवचन और आरती सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह के वैदिक अनुष्ठानों से लेकर शाम के भक्ति संगीत और रामलीला मंचन तक पूरे महर्षि नगर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करने के साथ भगवान श्रीराम की कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ रहे हैं।
नई पीढ़ी को संस्कार और मर्यादा का संदेश
आयोजकों के अनुसार, दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को सत्य, त्याग, सेवा, कर्तव्य, मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।
मेघनाद वध और अन्य युद्ध प्रसंग यह संदेश देते हैं कि शक्ति का दुरुपयोग तथा अधर्म अंततः विनाश का कारण बनते हैं। वहीं, सुलोचना और मंदोदरी के संवाद युद्ध की विभीषिका और परिवारों पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को उजागर करते हैं। इस प्रकार रामलीला धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा दे रही है।
गणमान्य लोगों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
इस अवसर पर महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष एवं महर्षि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा राहुल भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं रामलीला महोत्सव के संयोजक रामेंद्र सचान के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
महर्षि नगर में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम बन रहा है। रामलीला के मंचन और धार्मिक कार्यक्रमों में लोगों की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भगवान श्रीराम की जीवनगाथा आज भी समाज को सत्य, सद्भाव, त्याग और मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा दे रही है।।
