रविवार, 18 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर उठी निष्पक्ष जांच की मांग, अधिवक्ता रणपाल अवाना बोले—वैज्ञानिक साक्ष्यों से सामने आए सच्चाई!!

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गौतमबुद्धनगर: रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर उठी निष्पक्ष जांच की मांग, अधिवक्ता रणपाल अवाना बोले—वैज्ञानिक साक्ष्यों से सामने आए सच्चाई!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

तीन मासूम बच्चों की मौत से दहला समाज, पोस्टमार्टम, विसरा और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच पर दिया जोर

दो टूक//नोएडा, 18 अक्टूबर 2026। गौतमबुद्ध नगर के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला बेहद गंभीर और हृदयविदारक है। मृतकों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मामले को लेकर कानूनी विकास मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रणपाल अवाना ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है।

अधिवक्ता रणपाल अवाना ने कहा कि पांच लोगों की एक साथ हुई मौत के मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गंभीरता से पड़ताल करना आवश्यक है। जांच ऐसी होनी चाहिए, जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में सच्चाई सामने लाना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सबसे महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक समाचारों के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। कथित पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े मामलों और प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिवक्ता रणपाल अवाना ने स्पष्ट किया कि घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा परीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य प्रासंगिक साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट से स्पष्ट हो मौत का कारण

रणपाल अवाना ने मांग की कि पांचों मृतकों की मृत्यु के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ विसरा जांच को भी गंभीरता से लिया जाए, ताकि मौत की परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता चल सके। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए, जिससे किसी भी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति को दूर किया जा सके।

मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की भी हो गहन जांच

उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित मोबाइल फोन, ऑडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विधिसम्मत फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाना चाहिए। इन साक्ष्यों से घटना से पहले की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच के दौरान प्रत्येक साक्ष्य का निष्पक्ष तरीके से विश्लेषण किया जाना जरूरी है।

पारिवारिक और संपत्ति विवाद के हर पहलू की हो पड़ताल

अधिवक्ता रणपाल अवाना ने कथित पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े लेन-देन और प्रताड़ना के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को सभी संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने साथ ही कहा कि निष्पक्ष जांच का अर्थ यह भी है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। सभी संबंधित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों का संरक्षण करते हुए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाया जाना चाहिए।

कानून के अनुसार दोषियों को मिले सजा, निर्दोष को न हो परेशानी

रणपाल अवाना ने कहा कि कानून का शासन तभी मजबूत होता है, जब अपराध की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए और दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति को कानून के अनुसार दंड मिले। किसी भी संवेदनशील मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय तथ्यों, परिस्थितियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीन मासूम बच्चों सहित पांच लोगों की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं में जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन को मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और सच्चाई सामने आ सके।।