सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

अम्बेडकरनगर :शंकर-पार्वती संवाद से श्रीरामलीला का आगाज, नारद मोह की लीला ने दिया अहंकार त्याग का संदेश।||Ambedkar Nagar:The Sri Ram Leela begins with a dialogue between Shankar and Parvati. The Narada-Moha Leela conveys the message of renunciation of ego.।।

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अम्बेडकरनगर :
शंकर-पार्वती संवाद से श्रीरामलीला का आगाज, नारद मोह की लीला ने दिया अहंकार त्याग का संदेश।
जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा जलालपुर, रामलीला में सजी भक्ति और आस्था की अनूठी छटा।।
संवाददाता: ए.के. चतुर्वेदी
दो टूक : अम्बेडकरनगर जनपद के जलालपुर में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन जलालपुर का रामलीला मैदान भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया। श्री रामलीला सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला में शंकर-पार्वती संवाद, नारद तपस्या भंग और नारद मोह की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों की सजीव अदाकारी और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला की शुरुआत कैलाश पर्वत पर विराजमान भगवान शंकर और माता पार्वती के संवाद से हुई। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शंकर ने श्रीराम कथा का महात्म्य सुनाया और बताया कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब प्रभु विभिन्न रूपों में अवतरित होकर भक्तों का उद्धार करते हैं। इस प्रसंग के साथ रामकथा की भावपूर्ण शुरुआत हुई।
इसके बाद नारद मुनि की कठोर तपस्या और इंद्र के सिंहासन के डोलने का प्रसंग मंचित किया गया। नारद की तपस्या भंग करने के लिए इंद्र ने अप्सराओं और कामदेव को भेजा, लेकिन वे अपने प्रयास में सफल नहीं हुए। तपस्या की सफलता से नारद मुनि के मन में अहंकार उत्पन्न हो गया। भगवान विष्णु ने उनकी परीक्षा लेकर अहंकार दूर करने के लिए उन्हें हरि रूप प्रदान किया। इसके बाद नारद मोह और उनके शाप का प्रसंग सामने आया, जिसमें पत्नी के विरह में वन-वन भटकने और वानरों से सहायता मिलने की भविष्यवाणी की गई। इस लीला ने दर्शकों को संदेश दिया कि भक्ति के मार्ग में अहंकार सबसे बड़ी बाधा है और विनम्रता ही सच्ची साधना का आधार है।
समिति पदाधिकारियों की मौजूदगी में सजा भक्तिमय माहौल।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष संजीव मिश्र, क्षेत्रीय सदस्य राम किशोर राजभर, नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि, संरक्षक सुरेंद्र सोनी, महामंत्री कृष्ण गोपाल गुप्त, कोषाध्यक्ष अतुल जायसवाल, मीडिया प्रभारी विकास निषाद, उपाध्यक्ष आशाराम मौर्य, राधेश्याम शुक्ला, अरुण मिश्र, सोनू गौड़, दिलीप यादव, बब्लू त्रिपाठी, अनिल कुमार और विक्की गौतम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंचन के दौरान दर्शकों ने जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। रामलीला के जरिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ मर्यादा, भक्ति और सदाचार का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा।