गौतमबुद्धनगर: 9 मौतों के बाद फिर स्लीपर बस में लगी आग, नोएडा एक्सप्रेसवे पर 32 यात्रियों की जान पर बनी; सभी सुरक्षित!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में सफीपुर गांव के समीप दिल्ली से मुजफ्फरपुर जा रही एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बस धू-धूकर जलने लगी। बस से उठती ऊंची लपटों और घने धुएं को देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस में सवार करीब 32 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में BSS COOL COOL JAMNA TRAVELLERS की बस संख्या BR28P3433 लाल किला, दिल्ली से मुजफ्फरपुर, बिहार के लिए रवाना हुई थी। सफीपुर गांव के समीप बस में अचानक आग लगने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना नॉलेज पार्क पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।
देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गई बस
बस में आग लगने के बाद कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक बस से काला धुआं और आग की ऊंची लपटें निकल रही थीं। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल यात्रियों को बस से बाहर निकाला और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग बुझाए जाने के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस के मुताबिक घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस के अनुसार बस में आग किस वजह से लगी, इसका अभी पता नहीं चल सका है। प्रथम दृष्टया तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आग लगने के वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कुछ दिन पहले स्लीपर बस हादसे में हुई थी 9 लोगों की मौत
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस में आग लगने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस हादसे ने यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से भी बसों के खिलाफ कार्रवाई और जांच अभियान चलाए जाने की बात सामने आई थी।
लगातार सामने आ रही बसों में आग लगने की घटनाओं ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि लंबी दूरी तक चलने वाली निजी और स्लीपर बसों की फिटनेस, वायरिंग, फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की जांच कितनी गंभीरता से की जा रही है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
नोएडा से बिहार और अन्य राज्यों के लिए संचालित होने वाली कुछ निजी बसों को लेकर समय-समय पर नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आते रहे हैं। हालांकि, ऐसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई केवल चालान तक सीमित है या उनकी फिटनेस और सुरक्षा मानकों की भी गहन जांच की जाती है।
बीते दिनों हुए भीषण बस हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में आज की घटना परिवहन विभाग के सामने भी यह चुनौती रखती है कि सड़क पर दौड़ने वाली प्रत्येक यात्री बस की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाए।
इस बार टल गया बड़ा हादसा
नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुआ हादसा बड़ा रूप ले सकता था, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता तथा यात्रियों को समय रहते बस से बाहर निकाल लिए जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस में आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित और सख्त जांच अब बेहद जरूरी मानी जा रही है।
