शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

लखनऊ : महिला किसान दिवस पर आई सीए आर-एनबीएफजीआर ने 22 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण।||Lucknow: CA R-NBFGR trained 22 women on Women Farmers Day.||

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लखनऊ : 
महिला किसान दिवस पर आई सीए आर-एनबीएफजीआर ने 22 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण।
 दो टूक : लखनऊ - आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीएफजीआर), लखनऊ की ओर से महिला किसान दिवस के अवसर पर अनुसूचित जाति की 22 महिला मत्स्य किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा।
संस्थान के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने महिला किसानों को आधुनिक जलीय कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बायोफ्लॉक, कैप्टिव ब्रीडिंग और रिकर्सुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘रिपोर्ट फिश डिसीज’ ऐप के इस्तेमाल की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। महिला किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई।
क्लाउनफिश पालन से जनजातीय महिलाओं को मिला रोजगार
महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ मत्स्य विकास की दिशा में तमिलनाडु के पुलिकट में भी एक उल्लेखनीय पहल सामने आई है। यहां एनबीएफजीआर और तमिलनाडु जनजातीय कल्याण विभाग के सहयोग से संचालित परियोजना के तहत 25 जनजातीय महिलाओं ने क्लाउनफिश पालन के जरिए एक लाख रुपये की आय अर्जित की।
परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ क्लाउनफिश के बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं ने 500 से अधिक डिजाइनर क्लाउनफिश का उत्पादन किया और चेन्नई के एक्वेरियम में उनकी बिक्री की।
इन पहलों से महिला किसानों के लिए मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं सामने आई हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग के जरिए महिलाएं न केवल अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।