गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘सक्षम-2026’ का मेगा मॉक ड्रिल, आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारियों को परखा!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘सक्षम-2026’ का मेगा मॉक ड्रिल, आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारियों को परखा!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

फायर ब्रिगेड, पुलिस, CISF और NDRF समेत कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा, बचाव अभियान से लेकर ग्रीन कॉरिडोर तक की व्यवस्थाओं का हुआ परीक्षण

दो टूक//नोएडा, 29 अक्टूबर 2026। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘सक्षम-2026’ के तहत व्यापक स्तर पर संकट प्रबंधन एवं आपातकालीन अभ्यास आयोजित किया गया। इस मेगा मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरलाइंस, पुलिस, सुरक्षा बलों, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान आपातकालीन अलर्ट जारी करने, आग बुझाने, बचाव अभियान चलाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि एयरपोर्ट पर किसी भी अप्रत्याशित आपातकालीन स्थिति के दौरान सभी संबंधित एजेंसियां तत्काल सक्रिय होकर निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्रवाई कर सकें। साथ ही, आपसी संचार, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की वास्तविक क्षमता का भी आकलन किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित हुआ अभ्यास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) की ओर से आयोजित ‘सक्षम-2026’ अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुआ। इसके तहत एयरपोर्ट पर आपातकालीन स्थिति का एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसके आधार पर संबंधित एजेंसियों की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता को परखा गया।

अभ्यास के दौरान यह आकलन किया गया कि किसी संकट की स्थिति में आपातकालीन सूचना कितनी तेजी से संबंधित विभागों तक पहुंचती है, बचाव दल कितने समय में सक्रिय होते हैं और विभिन्न एजेंसियां मिलकर किस प्रकार प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देती हैं।

पुलिस, CISF, NDRF और अग्निशमन विभाग समेत कई एजेंसियां शामिल

इस व्यापक अभ्यास में इंडिगो एयरलाइंस, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), उत्तर प्रदेश पुलिस, एयरपोर्ट मेडिकल सर्विस, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), जिला स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं (UP F&ES), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और संबंधित अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।

विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी के माध्यम से यह परखा गया कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा, आग पर काबू पाने, लोगों को सुरक्षित निकालने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रियाएं कितनी प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकती हैं।

आग बुझाने और बचाव अभियान की तैयारियों का परीक्षण

‘सक्षम-2026’ के दौरान आपातकालीन अलर्ट प्रणाली को सक्रिय करने, अग्निशमन अभियान चलाने, बचाव दलों को मौके पर पहुंचाने और आवश्यक संसाधनों को तत्काल जुटाने जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की तत्परता और उनके बीच तालमेल की भी समीक्षा की गई।

अभ्यास में यातायात प्रबंधन को भी प्रमुखता दी गई। आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए यातायात को व्यवस्थित रखने और आवश्यक मार्गों को सुगम बनाने की तैयारियों का आकलन किया गया।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था पर जोर

आपातकालीन स्थिति में घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभ्यास के दौरान ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस और चिकित्सा दल बिना अनावश्यक देरी के घायलों को निर्धारित अस्पतालों तक पहुंचा सकें।

इसके अतिरिक्त संचार व्यवस्था, सूचनाओं के आदान-प्रदान और प्रतिक्रिया में लगने वाले समय का भी मूल्यांकन किया गया। इससे यह समझने में मदद मिली कि संकट की घड़ी में विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का प्रवाह और संयुक्त कार्रवाई कितनी प्रभावी हो सकती है।

‘सुरक्षा और तैयारी एयरपोर्ट संचालन की प्राथमिकता’: नीतू सामरा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नीतू सामरा ने कहा कि एयरपोर्ट संचालन में सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी सर्वोपरि है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रभावी कार्रवाई इस बात पर निर्भर करती है कि विभिन्न टीमें और संबंधित एजेंसियां कितने बेहतर तरीके से आपसी समन्वय स्थापित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से आपातकालीन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता को परखने, संभावित कमियों को समझने और आवश्यक सुधारों की पहचान करने का अवसर मिलता है। संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के साथ मिलकर किए जाने वाले ऐसे प्रयास जरूरत के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नियमित अभ्यास से आपातकालीन व्यवस्थाओं को मिलेगी मजबूती

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘सक्षम-2026’ का आयोजन आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा और विभिन्न सरकारी विभागों तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

नियमित अभ्यास से संबंधित टीमों को अपनी जिम्मेदारियों को समझने, उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता परखने और विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है। इसके माध्यम से आपातकालीन प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन क्षेत्रों की पहचान भी की जा सकती है, जहां आगे और सुधार की आवश्यकता है।

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है नोएडा एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश के अन्य शहरों तथा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ना है। एयरपोर्ट पर यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल विकास और संचालन पर भी जोर दिया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने टिकाऊ डिजाइन और परिचालन प्रक्रियाओं के माध्यम से नेट-जीरो उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई है।

एयरपोर्ट परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) की स्थापना की गई है। यह ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और उत्तर प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार के साथ साझेदारी में परियोजना को विकसित कर रही है।

एयरपोर्ट की रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई थी और यह 40 वर्षों की है। इसके मास्टर प्लान में भविष्य में चरणबद्ध विस्तार की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता को 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

‘सक्षम-2026’ जैसे व्यापक अभ्यास एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।