मऊ :
राजकीय पॉलिटेक्निक में प्रशिक्षुओं ने किया श्रमदान,स्वच्छता का दिया संदेश।
●तकनीकी नवाचार से स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान के तहत जिला गंगा समिति, मऊ एवं राजकीय पॉलिटेक्निक, मऊ के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान अभियांत्रिकी डिप्लोमा के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर छात्रावास एवं संस्थान परिसर की साफ-सफाई की। विद्यार्थियों ने प्लास्टिक रैपर, कचरे और झाड़ियों को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।
अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पहले छात्रावास और फिर संस्थान परिसर में सफाई की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी, सामूहिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत यादव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वच्छ भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में करना चाहिए।
स्वच्छता के लिए तकनीकी नवाचार पर जोर
डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से ऐसे सॉफ्टवेयर, डिजिटल सामग्री और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने का आह्वान किया, जिनके माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य और कचरा प्रबंधन से जुड़े संदेश आमजन तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाए जा सकें। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार के जरिए लोगों को जागरूक कर स्वच्छ भारत अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के लिए सस्ते और किफायती उपकरण विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण की जांच के लिए कम लागत वाली तकनीक विकसित करने का आह्वान किया, ताकि आम नागरिक भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
कार्यक्रम में संतोष कुमार, अनूप कुमार, प्रज्ञा सिंह, वीरेश कुमार, अभिनय सिंह, विनय कुमार तथा डॉ. राजकमल शास्त्री सहित संस्थान के प्रवक्तागण, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से शामिल रहे।
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित साफ-सफाई, कचरे के उचित प्रबंधन, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग में कमी तथा तकनीकी नवाचार को अपनाकर स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
