शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में जाली करेंसी के बड़े खेल का खुलासा, 1.84 लाख के नकली नोटों के साथ चार आरोपी गिरफ्तार!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में जाली करेंसी के बड़े खेल का खुलासा, 1.84 लाख के नकली नोटों के साथ चार आरोपी गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

तीन गुना रकम का लालच देकर नकली नोटों के बदले असली करेंसी लेने का आरोप, बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के कारोबार का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये है। इसके अलावा अपराध से संबंधित 1,000 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर नकली नोटों के बदले असली रुपये हासिल करते थे।

ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 920 जाली भारतीय करेंसी नोट, 1,000 रुपये नकद और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई।

जेल में हुई मुलाकात के बाद बनाई थी योजना

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अर्जुन सिंह की वर्ष 2024 में अयोध्या की जेल में कुबेर सिंह नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। पुलिस के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान दोनों ने कथित तौर पर जाली करेंसी का कारोबार करने की योजना बनाई थी। आरोप है कि कुबेर सिंह के साथ अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता और शान्तनु सिंह जाली करेंसी तैयार करने के काम में शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, अर्जुन सिंह अपने साथियों शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला के साथ मिलकर जाली नोटों को बाजार में खपाने के लिए लोगों को तीन गुना रकम का लालच देते थे। इस तरीके से नकली नोटों के बदले असली रुपये हासिल कर अवैध लाभ कमाने और रकम को आपस में बांटने का आरोप है। पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और जाली करेंसी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अर्जुन सिंह पुत्र धार्ज सिंह, निवासी ग्राम ग्वाडिया, थाना कोतवाली नगर, सुल्तानपुर, उम्र लगभग 22 वर्ष शामिल है। उसकी शिक्षा आठवीं तक बताई गई है।

दूसरा आरोपी शशांक गुप्ता पुत्र सुनील गुप्ता, निवासी ग्राम हैदरगंज, थाना कोतवाली, अयोध्या, उम्र लगभग 19 वर्ष है। वह बीकॉम अंतिम वर्ष का छात्र बताया गया है।

तीसरा आरोपी शान्तनु सिंह पुत्र रामसिंह, निवासी ग्राम हरियरपुर, थाना कमलपुर, जिला सीतापुर, उम्र लगभग 19 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, वह बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा है।

चौथा आरोपी वैभव शुक्ला पुत्र अजय कुमार शुक्ला, निवासी ग्राम टंडौली, थाना महाराजगंज, अयोध्या, उम्र लगभग 19 वर्ष है। वह बीसीए अंतिम वर्ष का छात्र बताया गया है।

अयोध्या के मामलों में भी नाम दर्ज

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अर्जुन सिंह के खिलाफ थाना कैंट, अयोध्या में मुकदमा संख्या 258/2024, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। वहीं, शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला के खिलाफ भी थाना कैंट, अयोध्या में मुकदमा संख्या 338/2024 के तहत धारा 3(5), 310(2), 311 और 317(3) बीएनएस में मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा संख्या 284/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 178, 179 और 180 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बरामदगी: 200 रुपये के 920 जाली नोट, कुल अंकित कीमत 1,84,000 रुपये; अपराध से संबंधित 1,000 रुपये नकद और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार।।