मंगलवार, 22 सितंबर 2026

मऊ :बौद्ध विरासतों के संरक्षण और दीक्षाभूमि विकास को लेकर प्रदर्शन।||Mau:Protests regarding the preservation of Buddhist heritage and the development of Deekshabhoomi.||

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मऊ :
बौद्ध विरासतों के संरक्षण और दीक्षाभूमि विकास को लेकर प्रदर्शन।
चार चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क (BIN) और भारत मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में बौद्ध पुरातात्विक विरासतों के संरक्षण तथा दीक्षाभूमि के सर्वांगीण विकास को लेकर चार चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है। इसी क्रम में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन प्रस्तावित है।
संगठन की ओर से जारी ज्ञापन पत्र में बताया गया कि आंदोलन का पहला चरण 17 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक को ज्ञापन सौंपकर शुरू किया गया। दूसरे चरण में 20 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए।
तीसरे चरण के तहत 22 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन रैलियां और चौथे चरण में 19 अक्टूबर 2026 को नागपुर में राष्ट्रीय स्तर की सभा आयोजित करने की योजना है।
आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में दीक्षाभूमि के सर्वांगीण विकास के लिए माता कचहरी की 16.5 एकड़ भूमि और कॉटन रिसर्च इंस्टीट्यूट की 3.5 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा बौद्ध गया टेम्पल एक्ट, 1949 को रद्द करने की मांग भी उठाई गई है।
संगठन ने बौद्ध विरासतों के संरक्षण और संबंधित मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने तथा चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें रखने की बात कही है।