लखनऊ :
नाम बदलकर फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना पीजीआई थाना पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर महिला के मकान पर अवैध कब्जा करने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पुलिस टीमे तलाश मे जुटी हुई है।
विस्तार :
थाना पीजीआई इस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह बताया कि -जमशेदपुर निवासी रेखा पत्नी सुशील कुमार ने 6 जुलाई 2026 को पीजीआई थाने में तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराई थी। इनका आरोप था कि विपक्षियों ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उनके मकान पर कब्जा कर लिया। मामले की छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों तथा स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने विशाल गुप्ता (38) निवासी वृंदावन योजना, पीजीआई और मो. आरिफ (44) निवासी आम्रपाली योजना, हरदोई रोड, दुबग्गा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में फर्जीवाड़े की खुली परतें
पुलिस के अनुसार पूछताछ में मो. आरिफ ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रेखा का मकान हड़पने की साजिश रची थी। आरोप है कि विशाल गुप्ता ने अपना वास्तविक नाम बदलकर दस्तावेजों में चंदन सिंह पुत्र गिरिजाशंकर सिंह, निवासी तेलीबाग दर्ज कराया था। वहीं रजिस्ट्री में मेवालाल के नाम से पेश किया गया व्यक्ति भी कथित तौर पर अपना असली नाम छिपाकर आया था। पुलिस के मुताबिक उसका वास्तविक नाम अनिल यादव है और वह सुल्तानपुर का रहने वाला है।
आरिफ ने पुलिस को बताया कि उसने ही अनिल यादव को मेवालाल के रूप में खड़ा कराकर फर्जी रजिस्ट्री कराई थी। रजिस्ट्री से मिले पैसे को उसने अपने अन्य साथियों के साथ बांट लिया था।
पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मो. आरिफ के खिलाफ हजरतगंज, विभूतिखंड और अलीगंज थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित चार मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
