लखनऊ :
पहली पत्नी के पास जाने लगा पति तो दूसरी पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कर दी हत्या,पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर किया सनसनी खुलासा।।
हत्या के बाद शव बाक्स में छिपाया, फिर ई-रिक्शे से लाकर मोहनलालगंज क्षेत्र नहर पुलिया के नीचे फेका था।
दो टूक : चार साल के प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी में पति के विरोध और पहली पत्नी के पास लौटने को लेकर बढ़ते विवाद ने आखिरकार हत्या की साजिश का रूप ले लिया। पुलिस की करीब 180 CCTV फुटेज की पड़ताल ने आरोपियों की उस उम्मीद को तोड़ दिया कि शव की पहचान नहीं होगी और वे पुलिस की पकड़ से बच निकलेंगे।
राजधानी लखनऊ मोहनलालगंज क्षेत्र भावाखेडा नहर में शव की रामकिशोर वाल्मीकि दुबग्गा लखनऊ के रुप मे पहचान होने के बाद मृतक की पत्नी कविता देवी की नामजद तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक मृतक की दूसरी पत्नी सूफिया बानो ने अपने प्रेमी मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और उसके साथी मो. इकबाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। वारदात के बाद शव को लकड़ी के बाक्स में छिपाया गया और फिर ई-रिक्शा में लादकर कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सूफिया बानो ने बताया कि उसके रामकिशोर वाल्मीकि से करीब चार वर्षों से प्रेम संबंध थे और करीब दो वर्ष पहले दोनों ने निकाह कर लिया था। इसी दौरान रामकिशोर को सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ से संबंधों की जानकारी हो गई। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा।
रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास दोबारा आने-जाने लगा और उसे खर्च भी देने लगा। सूफिया इसका विरोध करती थी। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते उसने अपने प्रेमी मुन्ना और उसके साथी मो. इकबाल के साथ मिलकर रामकिशोर की हत्या की योजना बनाई।
आधी रात घर में घुसे प्रेमी और साथी।
पुलिस के मुताबिक 14/15 सितंबर की रात सूफिया ने फोन कर मुन्ना और मो. इकबाल को घर बुलाया और दरवाजे की चिटकनी खोलकर रख दी। दोनों घर के अंदर पहुंचे और सो रहे रामकिशोर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने फर्श पर लिपाई कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। इसके बाद शव को लकड़ी के बाक्स में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया। पुलिस के अनुसार मृतक के खून से सने कपड़े और झाड़ू समेत अन्य सामान भी कमरे में छिपा दिया गया।
बेटे समेत चार लोगों ने शव को ई-रिक्शा में लादा।
पुलिस के मुताबिक इसके बाद सूफिया ने अपने करीब 16 वर्षीय बेटे रेहान उर्फ बिलाल को भी बुलाया। आरोप है कि चारों ने मिलकर 15/16 सितंबर की रात शव को ई-रिक्शा लोडर UP 32 ST 9940 में लादा और कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया।
आरोपियों को उम्मीद थी कि शव मिलने पर उसकी पहचान नहीं हो पाएगी और पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकेगी। वारदात के बाद सभी आरोपी छिपकर रह रहे थे और लखनऊ से भागने की फिराक में थे।
पुलिस ने 170 से 180 CCTV फुटेज खंगालने के बाद खुला राज।
मृतक की हत्या और शव छिपाने के मामले में 17 सितंबर को मोहनलालगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गईं। टीमों ने ई-रिक्शा की गतिविधियों को ट्रैक करते हुए उसके संभावित मार्ग पर लगे करीब 170 से 180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ई-रिक्शा तक पहुंची और इसके बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
महिला समेत तीन गिरफ्तार, नाबालिग पुलिस संरक्षण में।
पुलिस ने मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद (40), मुन्ना उर्फ मुच्छड़ (52) और सूफिया बानो (35) को गिरफ्तार किया है। वहीं एक करीब 16 वर्षीय बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद किया गया है।
मोहनलालगंज पुलिस ने मामले में दर्ज मुकदमा मु0अ0सं0 348/2026, धारा 103(1)/238/3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।।
