रविवार, 6 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: महर्षि यूनिवर्सिटी में ICCS-2026 का भव्य आयोजन, देश दुनिया के बीच सहयोग की संभावनाओं पर हुआ मंथन!!Gautam Buddha Nagar: Grand event of ICCS-2026 at Maharishi University, brainstorming on the possibilities of cooperation between India and the world!!||

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गौतमबुद्धनगर: महर्षि यूनिवर्सिटी में ICCS-2026 का भव्य आयोजन, भारत और दुनिया के बीच सहयोग की संभावनाओं पर हुआ मंथन!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाई कमिश्नर चंद्रदाथ सिंह ने भारत के साथ सहयोग की संभावनाओं पर रखे विचार, शिक्षा, कौशल, उद्योग और नवाचार को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

दो टूक//नोएडा। महर्षि यूनिवर्सिटी, नोएडा कैंपस में रविवार को इंडिया कनेक्ट एंड कोलैबोरेशन समिट-2026 (ICCS-2026) का भव्य आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समिट में भारत और विभिन्न देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाई कमिश्नर एच.ई. चंद्रदाथ सिंह रहे। उन्होंने भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। वहीं उरुग्वे दूतावास के चीफ ऑफ कांसुलर सेक्शन पाब्लो रिकार्डो गोरोसिटो गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। सीबीएसई, नई दिल्ली के एडिशनल डायरेक्टर (स्किल एजुकेशन) आरपी सिंह ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समिट की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात गणेश पुष्पांजलि की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरी। महर्षि यूनिवर्सिटी की ओर से रतिश गुप्ता ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।

महर्षि यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बी.पी. सिंह तथा महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कानपुर के कुलपति डॉ. पी.के. उपाध्याय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और विद्यार्थियों को बदलती हुई जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

महर्षि यूनिवर्सिटी नोएडा की डीन अकादमिक डॉ. तृप्ति अग्रवाल ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट के डायरेक्टर (ट्रेनिंग एंड इनोवेशन) एस.पी. वर्मा ने ICCS-2026 के विजन, उद्देश्यों और अपेक्षित परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

समिट के दौरान केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपने विचार रखते हुए शिक्षा, उद्योग, कौशल विकास और सरकारी नीतियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा की।

कार्यक्रम में वित्त मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. हरीश यादव, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण एस., खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर सतीश कुमार, एमएसएमई मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर हेमंत यादव तथा सहकारिता मंत्रालय के डॉ. संजय ने सहभागिता की। उद्योग जगत की ओर से टाटा पावर के कॉरपोरेट हेड सुधाकर यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, कौशल, नवाचार और उद्यमिता की क्षमता विकसित करना जरूरी है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दूसरे सत्र में शिक्षा और कौशल विकास पर हुआ मंथन

समिट के दूसरे सत्र में भी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। एसएसबी, गृह मंत्रालय के सेकंड-इन-कमांड अजय सिंह, सीबीएसई के एडिशनल डायरेक्टर आरपी सिंह, एनआईओएस के डिप्टी डायरेक्टर (एडमिन) डॉ. पीयूष प्रसाद तथा शोभित डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ. जयानंद सहित अन्य वक्ताओं ने सहभागिता की।

इसके अलावा संसदीय कार्य मंत्रालय के चीफ ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन डॉ. इबोमचा शर्मा अरिबम, कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पी.के. राजपूत, इंडियन स्कूल्स लीडरशिप फोरम के चेयरमैन सरित घोष तथा श्रीराम एजुकेशन ट्रस्ट के प्रिंसिपल ट्रस्टी अजय कुमार शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

महर्षि यूनिवर्सिटीज और इन्क्यूबेशन सेंटर पर दी गई प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान महर्षि यूनिवर्सिटीज की शैक्षणिक गतिविधियों और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। डीन एकेडमिक्स डॉ. तृप्ति अग्रवाल ने बताया कि महर्षि संस्थान की विभिन्न यूनिवर्सिटीज किस प्रकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।

इसके बाद MUIT इन्क्यूबेशन को लेकर प्रस्तुति दी गई, जिसमें नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने कहा कि देश की युवा प्रतिभा को उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराकर रोजगार तलाशने वाले युवाओं के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथियों का किया गया सम्मान

समिट के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट एवं प्रतिष्ठित अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। आयोजन ने शिक्षा, सरकार, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया, जहां सभी ने अपने अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों के लिए लंच का भी आयोजन किया गया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने की पहल

महर्षि यूनिवर्सिटी में आयोजित ICCS-2026 को शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया। समिट के माध्यम से एक ही मंच पर राजनयिक प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों की मौजूदगी ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत किया।

सम्मेलन में इस बात पर जोर रहा कि आने वाले समय में शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एक-दूसरे से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इस प्रकार ICCS-2026 ने न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच उपलब्ध कराया, बल्कि भारत और वैश्विक समुदाय के बीच सहयोग की नई संभावनाओं पर संवाद को भी आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम के उपरांत -बाइट--