गोण्डा- बच्चों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा परिषद के सभी उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा विद्यालयों में संचालित सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम के प्रभाव को जानने के लिए लखनऊ से आई यूनिसेफ की टीम ने गोण्डा जनपद के दो विद्यालयों का भ्रमण किया। टीम ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिशनपुर बैरिया, विकासखंड पड़री कृपाल तथा पीएमश्री विद्यालय लौवा टेपरा, विकासखंड बेलसर पहुंचकर बच्चों से संवाद किया। सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम के तहत प्रत्येक शनिवार मीना मंच सुगमकर्ताओं द्वारा छह कॉमिक बुक के माध्यम से बच्चों के साथ गतिविधियां एवं संवाद किए जाते हैं। इनमें लैंगिक रूढ़िवादिता, मीडिया में दिखाए जाने वाले आदर्श रूपों के प्रभाव, अपनी खूबियों को पहचानने, शारीरिक बनावट को लेकर बनने वाली धारणाओं तथा उनके आत्मसम्मान पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे विषय शामिल हैं।
यूनिसेफ टीम लीडर आकांक्षा ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिशनपुर बैरिया की कक्षा आठ की छात्रा प्रिया तिवारी से बातचीत कर कार्यक्रम से पहले और बाद में उसके व्यवहार एवं सोच में आए बदलावों को जाना। टीम ने कार्यक्रम की सुगमकर्ता शशि श्रीवास्तव और प्रिया के अभिभावक से भी बातचीत की।
दूसरे दिन टीम ने पीएम श्री विद्यालय लौवा टेपरा पहुंचकर कक्षा सात की छात्रा लाली दुबेसे संवाद किया। टीम ने जाना कि किस प्रकार पहले सहमी और झिझकने वाली लाली कार्यक्रम से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास के साथ विद्यालय की सक्रिय छात्राओं में शामिल हुई। टीम ने सक्रिय अभिभावकों से भी सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम के संबंध में बात- चीत की। यूनिसेफ टीम ने बच्चों के अनुभवों को महत्वपूर्ण मानते हुए कार्यक्रम की गतिविधियों और उनके प्रभाव को समझा। टीम ने विद्यालय के शिक्षकों और सुगमकर्ताओं से भी कार्यक्रम के संचालन एवं बच्चों में दिखाई दे रहे बदलावों पर चर्चा की।
इस अवसर पर जिला नोडल बालिका शिक्षा दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सरिता सिंह शशी श्रीवास्तव, अलका जायसवाल, ममता कुमारी, नीतू सिंह, गोल्डी पाण्डे सहित संबंधित विद्यालय के शिक्षक एवं संबंधित लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपनी पहचान, क्षमताओं और गुणों को महत्व देने के लिए प्रेरित करना तथा उनमें आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना विकसित करना रहा।।
