गौतमबुद्धनगर: ट्रेड शो में आयुष का संदेश: आयुर्वेद, योग और संतुलित जीवनशैली से स्वस्थ समाज की ओर बढ़ रहा यूपी !!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर, ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चतुर्थ संस्करण में आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश के स्टॉल ने आगंतुकों का ध्यान आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य की ओर आकर्षित किया। स्टॉल पर आयुष चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता, स्वस्थ जीवनशैली और आधुनिक दौर में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की प्रासंगिकता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
आयुष विभाग के स्टॉल पर पहुंचे अतिथियों और आगंतुकों का उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. राम कृपाल तथा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी ने स्वागत किया। अधिकारियों ने आयुर्वेद, योग, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और सिद्ध चिकित्सा पद्धतियों की विशेषताओं तथा इनके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उपायों की जानकारी दी।
बदलती जीवनशैली में आयुर्वेद और योग की बढ़ती भूमिका
अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के बीच दिनचर्या, ऋतुचर्या, संतुलित आहार, योग, व्यायाम, ध्यान और प्राणायाम जैसे उपाय स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आगंतुकों को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए पोषणयुक्त आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्टॉल पर आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार और दुनिया भर में आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों के प्रति बढ़ती रुचि पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश आयुष चिकित्सा, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देते हुए होलिस्टिक हेल्थ एंड वेलनेस हब के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
औषधियों से लेकर पंचकर्म तक दी गई जानकारी
आयुष विभाग के स्टॉल पर आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन में गुणवत्ता नियंत्रण, शोध, प्रमाण-आधारित उपचार पद्धतियों और समन्वित चिकित्सा से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी दी गई। आगंतुकों को पंचकर्म जैसी शोधन चिकित्सा के बारे में बताया गया। इसके साथ ही औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन और रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले विभिन्न मसालों के स्वास्थ्यवर्धक उपयोग को लेकर भी जागरूक किया गया।
मिलेट्स और संतुलित आहार पर जोर
कार्यक्रम में श्रीअन्न (मिलेट्स) के पोषण संबंधी महत्व को भी प्रमुखता से बताया गया। मोटापा, डिस्लिपिडेमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और विभिन्न मेटाबोलिक विकारों के संदर्भ में संतुलित आहार, योग और जीवनशैली प्रबंधन की उपयोगिता पर आगंतुकों से चर्चा की गई। आयुष विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दी जानकारी
स्टॉल पर उत्तर प्रदेश में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। इसमें 50 बेडेड इंटीग्रेटेड अस्पतालों, आयुष्मान योग एवं वेलनेस सेंटर, राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी, अनुसंधान संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और औषधालयों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन से संबंधित जानकारी शामिल रही।
नाड़ी परीक्षण के साथ मिला निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श
आयुष विभाग के स्टॉल पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को केवल जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नाड़ी परीक्षण एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के बाद निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। ट्रेड शो में आने वाले लोगों ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों, आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य संरक्षण के उपायों में विशेष रुचि दिखाई।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयुष विभाग की यह पहल पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, आधुनिक स्वास्थ्य जरूरतों और स्वस्थ जीवनशैली के बीच समन्वय को रेखांकित करती नजर आई।।
