रविवार, 20 सितंबर 2026

एक क्लिक पर मिलेगी मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, ग्वालियर में कॉरलिया डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च!!

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एक क्लिक पर मिलेगी मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, ग्वालियर में कॉरलिया डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

रजिस्ट्रेशन से लेकर अपॉइंटमेंट, मेडिकल रिकॉर्ड और बिलिंग तक कई सुविधाएं एक ही डिजिटल सिस्टम पर; छोटे और मंझोले अस्पतालों के लिए बताया उपयोगी

दो टूक//ग्वालियर। चिकित्सा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने की दिशा में ग्वालियर में कॉरलिया डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया। ग्लोबल वन कंसल्टिंग कंपनी के तहत कार्यरत ऑपर्च्युनिटी ग्लोबल इन्फोटेक द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य अस्पतालों के प्रशासनिक कार्यों और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को एकीकृत डिजिटल सिस्टम से जोड़ना है। कंपनी के अनुसार, प्लेटफॉर्म के माध्यम से मरीज की बीमारी, उपचार, जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और मेडिकल हिस्ट्री जैसी महत्वपूर्ण जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।

ऑपर्च्युनिटी ग्लोबल इन्फोटेक के डायरेक्टर एवं टेक लीड आशुतोष सक्सेना ने बताया कि प्लेटफॉर्म के जरिए प्रत्येक मरीज को डिजिटल आईडी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की डिजिटल हेल्थ व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है। इससे मरीज के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर अधिकृत चिकित्सकों तक उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड की सुविधा से मरीज को बार-बार पुरानी जांच रिपोर्ट और उपचार से जुड़े दस्तावेज लेकर चलने की आवश्यकता कम हो सकती है। आवश्यकता के अनुसार डॉक्टर किसी अन्य स्थान से भी मरीज की उपलब्ध मेडिकल हिस्ट्री देख सकते हैं, जिससे उपचार संबंधी निर्णय लेने में सुविधा मिल सकती है।

कागजी रिकॉर्ड के झंझट से मिलेगी राहत

अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों के कागजी रिकॉर्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखना एक चुनौती बना रहता है। इसके लिए अतिरिक्त जगह, कर्मचारियों और संसाधनों की जरूरत होती है। वहीं मरीजों को भी अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के दौरान पुरानी जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य मेडिकल दस्तावेज साथ लेकर जाने पड़ते हैं।

कॉरलिया मैनेज्ड डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म में मरीज का रजिस्ट्रेशन, अपॉइंटमेंट, मेडिकल रिकॉर्ड, बिलिंग और अस्पताल प्रशासन से जुड़े कार्यों को एक ही डिजिटल सिस्टम पर संचालित करने की व्यवस्था बताई गई है। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य अस्पतालों को अलग-अलग सॉफ्टवेयर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च और जटिलता को कम करते हुए एक एकीकृत डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

छोटे और मंझोले अस्पतालों के लिए उपयोगी पहल

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के डीन एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कॉरलिया डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म को छोटे और मंझोले अस्पतालों के लिए उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों के पेपर रिकॉर्ड को व्यवस्थित और सुरक्षित रखना कठिन होने के साथ-साथ संसाधन खर्च करने वाला काम भी है। ऐसे में एकीकृत डिजिटल सिस्टम के जरिए मरीज के रजिस्ट्रेशन से लेकर अपॉइंटमेंट, मेडिकल रिकॉर्ड और बिलिंग तक की प्रक्रियाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर संचालित करने में सुविधा मिल सकती है।

डॉ. धाकड़ के मुताबिक, एक ही स्थान पर डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से अस्पतालों को मरीज की जानकारी व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। इससे अस्पताल प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी अधिक सुगम हो सकती है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से देश कनेक्टेड हेल्थकेयर व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड आने वाले समय में मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कॉरलिया डिजिटल हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग को इसी डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्लेटफॉर्म के जरिए अस्पताल प्रबंधन और मरीजों से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम पर लाने का प्रयास किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने में मदद मिल सकती है।