आजमगढ़ :
शम्भूपुर गांव में ट्रिपल मर्डर से सनसनी,पति ने पत्नी समेत दो पुजारियों को गोलियों से भूना,तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद हुआ आरोपी।
दो टूक : उत्तर प्रदेश के जनपद आजमगढ़ के थाना अहरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। घर में चल रही पूजा के दौरान पहुंचे अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोलियां चला दीं। गोली लगने से तीनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। उसके पास हथियार होने की सूचना से पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस महकमे के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर तैनात है।
हत्या की सूचना मिलते ही तत्काल वरिष्ठ अधिकारीगण द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। मौके पर फॉरेन्सिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए तीनो शवो को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और क्राइम टीम एवं एसओजी टीम आगे की कार्रवाईमे जुटी हुई है।
विस्तार :
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम थाना अहरौला क्षेत्र के शम्भूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह शराब का आदी बताया जा रहा है। इनकी पत्नी करीब 32 वर्षीय बबिता सिंह पति की शराब की लत छुड़ाने के लिए मंगलवार शाम घर में पूजा करा रही थी। इसके लिए अहरौला क्षेत्र के पठखौली गांव निवासी करीब 55 वर्षीय महेंद्र पाठक और छितौना गांव निवासी करीब 50 वर्षीय अखिलेश मिश्र को पूजा पाठ के लिए बुलाया था।
बताया जा रहा है कि शाम करीब साढ़े छह बजे शराब के नशे में धुत अरविंद घर पहुंचा। घर में पूजा होते देख भड़ गया और पुजारियों से पूछताछ करने लगा और लेकर कहासुनी बढ़ गई और पत्नी समेत दोनो पुजारियों गोली से उड़ा दिया।
समझाने पहुंची पत्नी तो उसी पर चला दी गोली।
बताया जा रहा है कि बबिता ने पति को शांत कराने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। इसी दौरान अरविंद कमरे में गया और वहां रखी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वापस आया। उसने सबसे पहले अपनी पत्नी बबिता सिंह को गोली मारी। इसके बाद पूजा करा रहे दोनों पुजारियों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्र पर भी फायरिंग कर दी। गोली लगने से तीनों की मौत हो गई।
वारदात के बाद घर में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। अरविंद के भाई सुनील की पत्नी और उसकी दो बेटियां भी घर में मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि फायरिंग शुरू होते ही तीनों किसी तरह जान बचाकर पड़ोसी के घर पहुंचीं।
तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद आरोपी, पुलिस के सामने चुनौती।
तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों को लेकर खुद को घर के एक कमरे में बंद कर लिया। घर के अंदर करीब छह साल की बेटी, चार साल का बेटा और करीब आठ माह की बच्ची होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपी के पास हथियार होने की सूचना के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही है। पुलिस लगातार आरोपी को समझाकर बाहर निकलने के लिए कह रही है, लेकिन देर रात तक उसके कमरे से बाहर नहीं आने की बात सामने आई।
डीआईजी और एसएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर।
ट्रिपल मर्डर की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और आरोपी को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए।
वारदात के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से भी रोका। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने करीब ढाई घंटे बाद तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एक वारदात ने उजाड़ दिया पूरा परिवार।
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। जिन तीन बच्चों के सामने उनकी मां की हत्या हुई, अब वे आरोपी पिता के साथ कमरे में बंद हैं। ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं दोनों पुजारियों की मौत की खबर से उनके परिवारों में भी कोहराम मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपी को सुरक्षित तरीके से काबू में लेकर तीनों बच्चों को सकुशल बाहर निकालना है। ।
