गुरुवार, 24 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: यमुना एक्सप्रेसवे पर मौत का सफर: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत!!

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गौतमबुद्धनगर: यमुना एक्सप्रेसवे पर मौत का सफर: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

जेवर में 33वें किलोमीटर के पास हुआ भीषण हादसा, 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया; पुलिस ने चालक-परिचालक को हिरासत में लिया, सीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। थाना जेवर क्षेत्र में 33वें किलोमीटर माइलस्टोन के पास दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही स्लीपर बस BR32PA8647 में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्रियों को पुलिस और दमकल टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

अचानक आग लगने से मची चीख-पुकार

पुलिस के अनुसार, 23/24 सितंबर 2026 की रात बस कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। रात में यमुना एक्सप्रेसवे पर 33 किलोमीटर माइलस्टोन के पास अचानक बस में आग लग गई। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टेंडर, जेवर टोल पर मौजूद फायर टेंडर के अलावा चार अन्य फायर टेंडर और फायर सर्विस यूनिट को भी तत्काल मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

धुएं के बीच रेस्क्यू, 20 से ज्यादा यात्रियों की बची जान

आग बुझाने के साथ ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने जान जोखिम में डालकर बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया और 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला

पुलिस और दमकलकर्मियों ने धुएं के बीच बस के अंदर प्रवेश कर यात्रियों की तलाश की। इस दौरान बस के अंदर 9 लोग मृत अवस्था में मिले। पुलिस के मुताबिक इनकी मौत आग में जलने अथवा दम घुटने के कारण हुई है। मृतकों की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एसी में स्पार्क से इंजन ऑयल ने पकड़ी आग, शुरुआती जांच में सामने आया कारण

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होने के कारण इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई, जिसके बाद आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि पुलिस द्वारा घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है।

चालक और परिचालक हिरासत में

भीषण हादसे के बाद थाना जेवर पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई की जा रही है।

पहले से जलने की बदबू आने के आरोप ने खड़े किए सवाल

हादसे के बाद सामने आई शिकायत में एक यात्री ने आरोप लगाया है कि बस में आग लगने से कुछ समय पहले जलने जैसी बदबू आ रही थी। यात्रियों द्वारा चालक और परिचालक को इसकी जानकारी देने का भी दावा किया गया है। शिकायत में चालक-परिचालक पर यात्रियों की बात को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

हादसे के दौरान बस से पटाखे जैसी आवाजें आने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद बस में संदिग्ध सामान या पटाखे होने की आशंका जताई गई। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी में स्पार्क/ब्लास्ट के बाद इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगना बताया गया है। किसी अन्य कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस भयावह हादसे ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बसों की फिटनेस, फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास, एसी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता

हादसे की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता के साथ जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई यह दर्दनाक घटना अपने पीछे कई गंभीर सवाल छोड़ गई है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि बस की तकनीकी स्थिति कैसी थी, सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था और आग लगने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बस में पर्याप्त आपातकालीन व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।।