गुरुवार, 17 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: किसानों का धरना खत्म, 5 अक्टूबर को लखनऊ में होगी निर्णायक वार्ता; मांगें पूरी न हुईं तो तीनों प्राधिकरणों के घेराव की चेतावनी!!

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गौतमबुद्धनगर: किसानों का धरना खत्म, 5 अक्टूबर को लखनऊ में होगी निर्णायक वार्ता; मांगें पूरी न हुईं तो तीनों प्राधिकरणों के घेराव की चेतावनी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा किसान संघर्ष मोर्चा का धरना सर्वसम्मति के बाद समाप्त कर दिया गया। किसान नेताओं सुखबीर ख़लीफ़ा और डॉ. रुपेश वर्मा ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को दोबारा तेज किया जाएगा और तीनों प्राधिकरणों का घेराव किया जाएगा।

धरना समाप्त कराने से पहले जिलाधिकारी मेधा रूपम, पुलिस कमिश्नर तथा तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों की मांगों और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 5 अक्टूबर को लखनऊ में किसानों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता कराने पर सहमति बनी।

किसान संघर्ष मोर्चा की ओर से मुख्य रूप से 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने, किसानों की आबादी का पूर्ण निस्तारण करने तथा नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने की मांग उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर शासन और प्राधिकरण स्तर पर बातचीत चल रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

किसान नेताओं ने कहा कि लखनऊ में होने वाली बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों पर शासन के अधिकारियों के साथ गंभीरता से चर्चा की जाएगी। किसानों को उम्मीद है कि वार्ता के माध्यम से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा और उन्हें बार-बार आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

धरना समाप्त होने के दौरान किसान नेताओं ने आंदोलनकारियों और किसानों का आभार जताया। साथ ही कहा कि 5 अक्टूबर की वार्ता किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यदि वार्ता के बाद भी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसान संघर्ष मोर्चा आगे की रणनीति तय करेगा।

किसान नेता सुखबीर ख़लीफ़ा ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो तीनों प्राधिकरणों का दोबारा घेराव किया जाएगा और आंदोलन को नए सिरे से तेज किया जाएगा। इस तरह फिलहाल धरना समाप्त हो गया है, लेकिन किसानों ने अपने आंदोलन को पूरी तरह खत्म करने के बजाय अगली वार्ता के परिणाम को आगे की रणनीति का आधार बनाया है।।