बुधवार, 23 सितंबर 2026

आजमगढ़ : शम्भूपूर में पूजा के दौरान खूनी वारदात : पत्नी और 2 पंडितों की हत्या के आरोपी और आरोपी के बेटे की भी मौत

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रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद  आरोपी अरबिंद सिंह समेत उसके 8 साल के बेटे की मौत
 ।। सिद्धेश्वर पाण्डेय।।
  दो टूक ,आजमगढ़ ।   अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। घर के मालिक अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर अपनी पत्नी और दो पंडितों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने ही बच्चों को घर में बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चों को छुड़ाया। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दुखद यह रहा कि आरोपी की गोली से घायल उसके 8 वर्षीय बेटे की भी अस्पताल में मौत हो गई।
              मिली जानकारी के अनुसार अरविंद सिंह के घर में पिछले तीन-चार दिनों से शांतिपाठ व अन्य धार्मिक पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम करीब 6 -7 बजे घर में अरविंद की पत्नी बबीता, उनके बच्चे और तीन पंडित मौजूद थे। इसी दौरान अरविंद बाजार से घर लौटा। घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से जानकारी ली और कथित तौर पर उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर कहासुनी और विवाद बढ़ गया।
                  आरोप है कि गुस्से में आकर अरविंद सिंह ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से पत्नी बबीता और दो पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी कुछ ही देर बाद मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित जान बचाकर मौके से भाग निकले।
               वारदात के बाद आरोपी ने खुद को और अपने बच्चों को घर के अंदर बंद कर   बच्चो बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही वाराणसी जोन के एडीजी वाराणसी नवीन अरोड़ा सहित एसपी डॉ. अनिल कुमार ,ग्रामीण पुलिस अधीक्षक चिराग जैन और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें आरोपी अरविंद सिंह गम्भीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बंधक बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया। घायल अवस्था में आरोपी और उसके 8 वर्षीय बेटे हर्ष सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां अरबिंद सिंह और बेटे हर्ष सिंह  की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जबकि आरोपी के 
                ग्रामीणों के अनुसार आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह की कई साल पहले आपसी रंजिश में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से अरविंद डिप्रेशन में था। उसकी पत्नी बविता सिंह घर में शांति के लिए पूजा-पाठ करवा रही थी, जिसका अरविंद सिंह लगातार विरोध कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।