सुल्तानपुर :
सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा जनवारी नाथ धाम में गूंजा हर-हर महादेव।।
डॉ. आशीष तिवारी ने विधि-विधान से कराया रुद्राभिषेक, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया भंडारे का प्रसाद।
दो टूक : सुल्तानपुर जनपद के लम्भुआ क्षेत्र में सावन मास के दूसरे सोमवार को लम्भुआ तहसील क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बाबा जनवारी नाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं निषाद पार्टी, 190 लम्भुआ विधानसभा के वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष तिवारी के नेतृत्व में रुद्राभिषेक, पूजन-अर्चन, आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्यों ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराया। इस दौरान डॉ. आशीष तिवारी के साथ सेवार्थम फाउंडेशन की पूरी टीम मौजूद रही। रुद्राभिषेक और आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया और श्रद्धालुओं ने जमकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।
रुद्राभिषेक के बाद मंदिर प्रांगण में सेवार्थम फाउंडेशन की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बाबा जनवारी नाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से चनामृत की व्यवस्था की गई थी। डॉ. आशीष तिवारी ने स्वयं भंडारे में पहुंचकर श्रद्धालुओं को शरबत और प्रसाद वितरित किया।
जरूरतमंदों की मदद के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी रखा ध्यान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. आशीष तिवारी ने मंदिर परिसर में मौजूद जरूरतमंद लोगों की यथासंभव सहायता की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रही शिव चर्चा में भी सहभागिता की और श्रद्धालुओं से संवाद किया।
शिव चर्चा के दौरान मंदिर परिसर में खराब पड़े पंखे पर उनकी नजर पड़ी। श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा को देखते हुए उन्होंने तत्काल अपनी टीम को पंखा ठीक कराने के निर्देश दिए।
डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि सेवार्थम फाउंडेशन का गठन सेवा भाव को उद्देश्य बनाकर किया गया है। मानव सेवा उनकी टीम की प्राथमिकता है और जरूरतमंदों की मदद का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निजी स्तर पर जितनी भी संभव मदद हो सकेगी, उसे करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
सावन के दूसरे सोमवार पर आयोजित धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सेवार्थम फाउंडेशन की टीम श्रद्धालुओं की सेवा, प्रसाद वितरण और व्यवस्थाओं में जुटी रही। कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा और सहयोग की भावना का भी संदेश दिया।
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