सुल्तानपुर :
नेपाल की धरती पर सम्मानित किये गये पाँच अवधी साहित्यकार।
दो टूक : सुलतानपुर: साहित्य, संगीत, कला के क्षेत्र में जनपद की माटी सदा से ही उर्वर रही है। हमेशा ही कोई न कोई नामचीन साहित्यकार इस धरा पर आता रहा है। डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप ने सैकड़ों की संख्या में साहित्यिक ग्रन्थों की रचना किया तो माधवदास ने श्याम चरित मानस महाकाव्य लिखकर जनपद के साहित्यिक गौरव को बढ़ाया।
विस्तार :
गत 19 अगस्त 2026 को तुलसीदास के 529वीं जयंती के अवसर पर पवन कुमार सिंह ,रानेपुर ,कादीपुर सुलतानपुर को अवधी साहित्य के उत्कृष्ट योगदान के लिए अवधी सांस्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति नेपालगंज, बांके, लुम्बिनी प्रदेश द्वारा आयोजित नेपाल के पांँचवे अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में संस्था के संस्थापक प्रतिष्ठित साहित्यकार विष्णु लाल कुमाल एवं मुख्य अतिथि लुम्बिनी प्रदेश के माननीय मन्त्री एवं भारत व नेपाल के वरिष्ठ अवधी साहित्य सेवियों की उपस्थिति में अवधी साहित्य जागरण अभियन्ता सम्मान से अलंकृत किया गया। बताते चलें कि पवन कुमार सिंह को जहां राष्ट्रीय स्तर कई सम्मान प्राप्त हैं वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की प्राचीन संस्था हिंदुस्तानी अकादमी प्रयागराज और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ से भी सम्मानित हो चुके हैं। वे अवध क्षेत्र की भाषा अवधी में अनवरत लेखन कर जनपद का मान बढा़ रहे हैं।
विदित हो जनपद के चार अन्य अवधी साहित्य की विभूतियों कुँवर इंद्रजीत सिंह' अर्चक', श्री सत्येन्द्र प्रताप सिंह 'सजल', श्री हरि प्रताप सिंह एवं श्री कृष्ण द्विवेदी 'अज्ञान' हलियापुर सुलतानपुर को भी नेपाल की अवधी संस्था द्वारा अवधी साहित्य जागरण अभियन्ता सम्मान से नवाजा गया। जनपद के साहित्यिक गौरव को चार-चांद लगाने वाली उपलब्धि पर जनपद के सम्मानित साहित्यकारों, मनीषियों ने इन पाँचों अवधी के महारथियों को भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए बधाई दी।
